प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 कृषि कानूनों की वापसी को लेकर किए गए ऐलान के बाद किसानों ने जरूर राहत की सांस लेते हुए खुशियां मनाई हैं लेकिन शहीद किसानों के परिजन असमंजस के हालात में नजर आए। जनपद रामपुर में किसान आंदोलन के दौरान 2 किसान शहीद हुए हैं जिनके परिजन इस बिल वापसी को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
जनपद रामपुर( Rampur) के किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसका परिणाम यह हुआ कि यहां के 2 किसानों को आंदोलन के दौरान अपनी जान भी गंवानी पड़ी।
अब विल वापसी को लेकर पीएम मोदी ने एलान किया है लेकिन फिर भी शहीद किसानों के परिजनों के मन में खुशी के साथ-साथ संदेह भी देखने को मिल रहा है। ऐसा ही संदेह शहीद किसान बाबा कश्मीर सिंह के परिजनों के शब्दों में भी देखने को मिला है।
रजविंदर कौर के मुताबिक पहली बात तो यह है कि मैं अपने दादा की शहीदी पर बहुत गर्व महसूस करती हूँ कि उन्होंने किसान आंदोलन में यूपी से पहली शहीदी देकर हमारे किसानों में एक बहुत बड़ी मिसाल खड़ी की थी और आज मोदी जी ने जो काले कृषि कानून वापस लिए हैं अगर यह पहले वापस लिए होते तो काश हमारे दादा जी आज हमारे बीच में होते और 700 किसानों की जो शहीदी हो चुकी है वह आज नहीं होती और लोगों के घर बर्बाद नहीं होते और मुझे गर्व है भी है अपने दादा के ऊपर और हम बड़े मान से कहते हैं कि उन्होंने हमारे गांव का और हमारे इलाके का बहुत नाम रोशन किया है और मोदी जी ने अभी कानून के बारे में बोला है लिखित रूप में नहीं दिया है। उन्हें यह सब कुछ लिखित रूप में देना चाहिए और जिन किसानों ने शहीदी दी हैं उनके हक में भी बोलना चाहिए। उन्होंने अभी तक किसानों के लिए कुछ नहीं बोला है जो शहीदीया दे चुके हैं उनके लिए कुछ ना कुछ बोलना चाहिए। अभी हमें बिल्कुल तसल्ली नहीं हुई है क्योंकि जब तक वह लिखित रूप में नहीं देंगे तब तक हम तसल्ली नहीं करेंगे कि उन्होंने अपनी कृषि कानून वापस लिए है या नहीं लिए हैं।
गुरविंदर सिंह के मुताबिक यह मेरे दादा जी लगते थे, देखिए उन्होंने अभी कहा है टीवी पर कि हम तीन कृषि कानून वापस ले रहे हैं उन्होंने यह तीन काले कृषि कानून लोकसभा में दिए थे लिखित रूप में, जितने देर तक वह लिखित रूप में तीन काले कृषि कानून लेते नहीं हैं एमएसपी पर कोई भी अपना कानून बनाते नहीं है उतनी देर तक किसानो की यह जंग अधूरी है जो 700 किसान शहीद हुए हैं उनके हक में जब तक बोलते नहीं हैं उतनी देर तक यह जंग हमारी अधूरी है इस बयान को हम अपने अंदर से खुशी भी महसूस कर रहे हैं लेकिन अगर यह काले कृषि कानून नहीं बनाते जो हमारे 700 किसान शहीद हो गए हैं और जो 700 किसानों के घर का दिया बुझ गया है ऐसा नहीं होता। हम यह चाहते हैं जो यह तीन काले कृषि कानून बनाए गए हैं इसको लोकसभा में लिखित रूप में दें सभी के सामने बताएं कि हम इसको वापस ले रहे हैं एमएसपी पर कानून बनाएं और जो 700 किसान शहीद हुए हैं उनके हक में बोले फिर हमें तसल्ली होगी।”
मनप्रीत कौर के मुताबिक,”यह में देख रही हूँ खुशी भी महसूस हो रही है लेकिन यह पहले बता देते स्टार्टिंग में आंदोलन रख रखा था यह पहले बना देते पहले ही माफ कर देते तो शायद यह सब कुछ नहीं होता जो 700 किसान शहीद हो रखे हैं वह नहीं होते सबके घरों में दिए जलते, दिवाली मनाते अच्छे से लेकिन ऐसा मोदी जी ने नहीं किया तो यह जो अब कर रहे हैं पहले कर देते तो अच्छा महसूस होता। चलो कोई बात नहीं लेट किया अच्छा महसूस हो रहा है इतनी खुशी भी नहीं हो रही है जब तक वह लिखित रूप में नहीं देते तब तक हमें इतनी खुशी महसूस नहीं होगी जो शहीद हो रखे हैं उनकी शहादत पर हम मान रखते हैं जो हमारे दादाजी हैं शहीद बाबा कश्मीर सिंह यूपी में उत्तराखंड में सबसे पहली शहादत दे रखी है जो फांसी लेना यह कोई मामूली काम नहीं होता गले में फंदा लटका कर अपनी मौत खुद लेना यह बहुत मुश्किल काम है यह बहुत कठिन काम होता है खुद को गले में फांसी लगाकर शहीद करना और एमएसपी पर भी इनको कानून बनाना चाहिए यह नहीं कि जब फसल आई किसानों की किसान अपने खेतों में जुटा रहता है यह फर्टिलाइजर इतने डेंजरस डालता है यह नहीं सोचता है कि यह मेरे लिए हार्मफुल होंगे लेकिन जब किसान की फसल बेचने का टाइम आता है तब सरकार अपना ही रेट निकाल देती है इन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।”
- बदायूं में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

- दिव्यांग ने थाना दिवस में लगाई गुहार: ‘साहब, कच्ची शराब बेचकर ही पलता है परिवार’

- उज्जैन: महाकाल मंदिर मार्ग से हटाए गए अवैध निर्माण, बुलडोजर कार्रवाई में कई दुकानें और होटल ध्वस्त

- बिहार: चंपारण में दर्दनाक हादसा, छठी के कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने कुचला; 5 की मौत, कई घायल

- NIA Raids Anantnag Resident’s Home in Terror Probe; Mobile Phone Confiscated

- Kupwara Man Chargesheeted by Kashmir EOW in J&K Bank Job Scam

- ‘भाजपाइयों के लिए शिक्षा सिर्फ व्यापार है…’: जयपुर में कॉजपा सदस्यों पर हमले पर भड़के अखिलेश यादव

- वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने वाणिज्यिक ड्राइवरों की निजी जानकारी मांगने की ट्रम्प प्रशासन की मांग पर लगाई रोक

- बदायूं में पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जारी: संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में 3 शातिर लुटेरे गोली लगने से घायल, सिपाही भी चोटिल
