वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने वाणिज्यिक ड्राइवरों की निजी जानकारी मांगने की ट्रम्प प्रशासन की मांग पर लगाई रोक

Date:

रिचमंड, वर्जीनिया: वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स (Jay Jones) और 21 अन्य राज्यों के अटॉर्नी जनरल के गठबंधन को एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। अमेरिका की एक जिला अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के उस निर्देश पर अस्थायी रोक (Temporary Restraining Order) लगा दी है, जिसके तहत 1.7 करोड़ (17 मिलियन) से अधिक वाणिज्यिक ड्राइवरों (CDL Drivers) का व्यक्तिगत डेटा मांगा जा रहा था।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी परिवहन विभाग (DOT), फेडरल मोटर कैरियर सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (FMCSA) और गृह सुरक्षा विभाग (DHS) पर आरोप है कि वे ‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ मोटर व्हीकल एडमिनिस्ट्रेटर्स’ (AAMVA) पर दबाव बनाकर राज्यों के स्वामित्व वाला डेटाबेस हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।

इस डेटाबेस में वाणिज्यिक चालकों के सामाजिक सुरक्षा नंबर (Social Security Numbers), नाम, जन्म तिथि और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी जैसी संवेदनशील निजी जानकारी शामिल है। प्रशासन ने मांग पूरी न होने पर AAMVA को मिलने वाले 1 करोड़ डॉलर से अधिक के संघीय अनुदान (Federal Funding) को बंद करने की चेतावनी भी दी थी।

गोपनीयता और नियमों के उल्लंघन का आरोप

अटॉर्नी जनरल जोन्स और गठबंधन द्वारा दायर मुकदमों में कहा गया है कि ट्रम्प प्रशासन का यह कदम कई संघीय गोपनीयता कानूनों (Federal Privacy Laws) और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिनियम (Administrative Procedure Act) का उल्लंघन है।

अदालत में दायर याचिका के अनुसार:

  • इस डेटा को एकत्र करने का कोई कानूनी औचित्य नहीं दिया गया।
  • राज्यों से किसी भी प्रकार का परामर्श नहीं किया गया।
  • आम जनता को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई और न ही डेटा के इस्तेमाल व सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट नियम तय किए गए।

कोर्ट के फैसले पर अटॉर्नी जनरल की प्रतिक्रिया

अदालत के अंतरिम आदेश पर खुशी जाहिर करते हुए अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने कहा:

“संघीय अदालत का यह फैसला लाखों कमर्शियल ड्राइवरों की निजता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है। कोर्ट के इस आदेश से यह सुनिश्चित हुआ है कि वर्जीनिया के नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहे और राज्य के नियंत्रण में ही बना रहे।”

आगे की कानूनी कार्रवाई

1986 में स्थापित ‘कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस इंफॉर्मेशन सिस्टम’ (CDLIS) का संचालन राज्यों के लाभ के लिए AAMVA द्वारा किया जाता है। अटॉर्नी जनरल का गठबंधन अब मामले की सुनवाई पूरी होने तक इस डेटा हस्तांतरण को पूरी तरह से रोकने के लिए प्रारंभिक निषेधाज्ञा (Preliminary Injunction) की मांग करेगा।

इस मुकदमे में वर्जीनिया के साथ कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, इलिनोइस, वाशिंगटन और पेंसिल्वेनिया सहित कुल 21 राज्य शामिल हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

‘भाजपाइयों के लिए शिक्षा सिर्फ व्यापार है…’: जयपुर में कॉजपा सदस्यों पर हमले पर भड़के अखिलेश यादव

जयपुर/लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव...

मोहन भागवत अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा का करेंगे दौरा, क्या है मकसद? RSS ने बताया मास्टरप्लान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत...