अमेरिका सहित सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने इजरायल का नाम लिये बिना कतर पर हमलों की निंदा की

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Without naming Israel: All 15 UN Security Council members, including US, condemn Doha strike
सुरक्षा परिषद ने कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया और गाजा युद्धविराम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने कतर की राजधानी दोहा पर हाल ही में हुए इज़रायली हमले की निंदा करते हुए एक अहम बयान जारी किया। दोहा में हमास नेतृत्व को निशाना बनाए गए इस हमले के बाद परिषद ने सीधे तौर पर इज़राइल का नाम लिए बिना इस कार्रवाई की आलोचना की।

ब्रिटेन-फ्रांस की पहल, सर्वसम्मत समर्थन

सुरक्षा परिषद के निंदा बयान का मसौदा ब्रिटेन और फ्रांस ने तैयार किया था। यह मसौदा अमेरिका सहित परिषद के सभी 15 सदस्यों की सर्वसम्मति से पारित हुआ। परिषद ने कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर जोर देते हुए गाजा से बंधकों की रिहाई और युद्धविराम को तत्काल प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

अमेरिका का अप्रत्याशित रुख

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, सुरक्षा परिषद में अक्सर इज़राइल का पक्ष लेने वाला अमेरिका इस बार निंदा प्रस्ताव के समर्थन में सामने आया। विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस बयान का समर्थन करना दोहा पर हमले को लेकर उनकी नाराजगी को दर्शाता है। बताया गया कि यह हमला इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर किया गया था।

पाकिस्तान का कड़ा विरोध

सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ़्तिख़ार ने इज़रायली कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और क़तर की सुरक्षा का खुला उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि इज़राइल ने न केवल कतर की संप्रभुता बल्कि वैश्विक शांति को भी खतरे में डाला है। यह बैठक पाकिस्तान सहित कई देशों के आग्रह पर बुलाई गई थी।

हमला और हताहत

मंगलवार को हुए इस हमले में हमास के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाया गया। इसमें वरिष्ठ हमास नेता खलील अल-हया के बेटे और उनके कार्यालय के निदेशक समेत कम से कम छह लोग मारे गए, हालांकि हमास नेतृत्व सुरक्षित रहा।

अमेरिका की नाराजगी

दोहा पर हमले के बाद अमेरिका ने इसे “एकतरफा कदम” बताते हुए अपनी असहमति और असंतोष प्रकट किया।