जबलपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जबलपुर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले और योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के दूसरे दिन जबलपुर में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में सहयोग करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने इस अभियान में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया ताकि घुसपैठियों, विशेषकर रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान उजागर कर देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस संदर्भ में संघ ने राष्ट्रहित के मुद्दों को सर्वोपरि रखते हुए सभी स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, बैठक में पंच परिवर्तन, जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर भी गहन विचार विमर्श हुआ।
बैठक में संघ के 407 प्रतिनिधि, जिसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित शीर्ष पदाधिकारी शामिल थे, ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, हिंदू सम्मेलनों, गृह संपर्क अभियान और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यों को लेकर योजनाएं भी अंतिम रूप दिया।
इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक विस्तार की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए सभी कामों में समन्वय और तेजी लाने की सलाह दी गई। बैठक तीन दिनों तक चली जिसमें देश भर से आए संघ के पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल रहे।
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