ईरान युद्धविराम की घोषणा: ट्रंप के फैसले पर अमेरिका में छिड़ी बहस, राजनीतिक गलियारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

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Mixed Reactions in the US to Iran Ceasefire
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वाशिंगटन, 8 अप्रैल: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर काम करेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

रिपब्लिकन सांसद मॉर्गन ग्रिफ़िथ ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रंप को ईरान के साथ संघर्ष-विराम समझौता करने के लिए सराहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सशस्त्र बलों के प्रयासों के कारण ईरान बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है, और ईरान को कभी परमाणु क्षमता हासिल नहीं करने दी जानी चाहिए।

पेन्सिलवेनिया के सांसद ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक ने इसे एक सतर्क लेकिन जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि कूटनीति हमेशा लक्ष्य होनी चाहिए और ऐसा कोई भी कदम जो अमेरिकी जीवन की रक्षा करे और गंभीर शांति वार्ता के लिए जगह बनाए, सही दिशा में माना जा सकता है।

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी कूटनीतिक समाधान का संकेत दिया, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से सही परिणाम निकलता है तो वह उसे प्राथमिकता देंगे, लेकिन अभी जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा ।nytimes+1

इंडियाना के सांसद फ्रैंक मर्वान और कैलिफ़ोर्निया के केविन काइली ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए और कांग्रेस की निगरानी भूमिका पर जोर दिया। इसी तरह, सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की और रूबेन गैलेगो ने ट्रंप की बयानबाजी को लेकर चिंता जताई और कहा कि इस तरह की भाषा अमेरिका के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी के खिलाफ जाती है।

यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता है ।