कैराना में 149वां मुफ्त यूनानी मेडिकल कैंप आयोजित: हकीम अजमल खान को ‘भारत रत्न’ देने की उठी मांग

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नई दिल्ली/कैराना: ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस (उत्तर प्रदेश) की कैराना इकाई द्वारा 149वें मुफ्त यूनानी मेडिकल कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर से क्षेत्र के सैकड़ों मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ उठाया। कैंप में आए अधिकांश मरीज पेट व लिवर की बीमारियों, जोड़ों के दर्द, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और मेटाबोलिक डिसऑर्डर (पाचन संबंधी समस्याओं) से पीड़ित पाए गए, जिन्हें मुफ्त परामर्श और दवाइयां दी गईं।

‘देसी इलाज’ की तरफ लौट रहे हैं लोग: सांसद इकरा हसन

इस चिकित्सा शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय सांसद इकरा हसन ने शिरकत की। मरीजों और डॉक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

“यूनानी चिकित्सा पद्धति सदियों से आजमाई हुई और भरोसेमंद विधा है, जो हमारी सेहत की गारंटी है। आज के दौर में बदलती जीवनशैली, खान-पान में मिलावट और कोल्ड ड्रिंक्स के अत्यधिक सेवन के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यही वजह है कि अब अधिकांश लोग सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद और यूनानी जैसे ‘देसी इलाज’ की तरफ वापस लौट रहे हैं।”

सांसद इकरा हसन ने देश के विकास में मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल खान की ऐतिहासिक सेवाओं को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र में एक सही और उचित स्थान देने पर भी विशेष जोर दिया।

हकीम अजमल खान को भारत रत्न न मिलना अफसोसजनक: डॉ. सैयद अहमद खान

ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल डॉ. सैयद अहमद खान ने संगठन की पुरानी मांगों को दोहराते हुए कहा कि देश ने महान स्वतंत्रता सेनानी मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल खान के योगदान को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा:

  • बहुमुखी प्रतिभा के धनी: “हकीम अजमल खान न केवल एक असाधारण और काबिल चिकित्सक थे, बल्कि अपने समय के एक महान राष्ट्रीय नेता भी थे।”
  • संस्थानों के निर्माता: “वे ‘जामिया मिलिया इस्लामिया’ और करोल बाग (दिल्ली) स्थित ‘आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज’ जैसे ऐतिहासिक संस्थानों के संस्थापक थे।”
  • सामाजिक कार्य: “उन्होंने बेसहारा बच्चों के लिए ‘बच्चों का घर’ (अनाथालय) और सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना की।”
  • सम्मान की मांग: “जीवनभर देश और जनता की निःस्वार्थ सेवा करने वाली ऐसी महान शख्सियत को आज तक ‘भारत रत्न’ जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा न जाना बेहद अफसोसजनक है।”

प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति और सम्मान समारोह

इस विशेष कैंप में दिल्ली से आए एडवोकेट शाह जबी काजी, डॉ. इलियास मजहर हुसैन, हकीम मुहम्मद मुर्तजा देहलवी और जीशान काजी ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक (कन्वीनर) डॉ. सैयद यासिर और जीशान प्रधान ने अपनी टीम के साथ मिलकर कैंप की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। शिविर के समापन पर समाज और चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले गणमान्य लोगों को सम्मानित भी किया गया।

इस कैंप को सफल बनाने में मास्टर मोहन प्रधान, डॉ. इकराम प्रधान, मोहसिन प्रधान, दिलशाद प्रधान, हारून प्रधान, चौधरी मुनव्वर, फिरोज खान, सैयद शाहिद अली, हाफिज हारून, मुर्सलीन और डॉ. इशरत आदि ने अपनी सराहनीय वॉलंटरी सेवाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सैयद यासिर ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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