एक नई और ऐसी सरकार लाने की दिशा में काम करने की मुहीम जो सभी नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए काम करे
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2024: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए मुशावरत, ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस, फेडरेशन ऑफ कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ आर्कडायसिस ऑफ दिल्ली (एफसीएएडी), अंबेडकर एजुकेशन ट्रस्ट, बहुजन एकता मंच, एमोडे, मोमिन, यूनाइटेड ओबीसी फोरम, डीपीएसएएम, यूनिटी इन कम्पैशन, यूथ फॉर अंबेडकराइट मिशन सभी जाति और पंथ के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करने तथा ‘हिंसा मुक्त भारत’ बनाने के लिए आगे आए हैं।
ये सभी संगठन शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।
हिंसा मुक्त भारत – 2024 का शुभारंभ 19 अगस्त, 2023 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया गया, जिसमें प्रोफेसर मनोज कुमार झा (सांसद) जैसे प्रख्यात वक्ता शामिल हुए। श्री अजीज पाशा, पूर्व सांसद और सचिव सीपीआई, चौधरी यशबीर सिंह, उपाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल, प्रोफेसर विवेक कुमार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और श्री सुजीत सम्राट, अधिवक्ता, कोषाध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश बीएसपी ने सम्मानित सभा को संबोधित किया।
समारोह की अध्यक्षता ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत के अध्यक्ष श्री फ़िरोज़ अहमद एडवोकेट ने की। एफसीएएडी के अध्यक्ष श्री ए.सी. माइकल ने अभियान के भागीदारों का स्वागत किया।
श्री पी.आई. जोस, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वकील ने हिंसा मुक्त भारत पर अवधारणा पत्र प्रस्तुत किया। अभियान के भागीदार जिनमें दस अलग-अलग संगठन शामिल हैं, अहिंसा के संदेश को जमीनी स्तर तक ले जाने और देश में बदलाव लाने के लिए आगे आए हैं तथा आगामी संसदीय चुनाव 2024 के लिए देश की राजनीतिक व्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्णय लिया है।
सरकार का कमल आग पर पनप रहा है
प्रो.मनोज कुमार झा, सांसद (राज्यसभा) ने अपने चिरपरिचित व्यंग्य में अभियान सहयोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमतौर पर कमल गंदे पानी में खिलता है लेकिन वर्तमान सरकार का कमल आग पर पनप रहा है। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि पहले भी सांप्रदायिक हिंसा होती थी लेकिन उस दौरान हिंसा करने वाले भयभीत रहते थे लेकिन पिछले दशक के दौरान चीजें बदल गई हैं जहां हिंसा करने वालों को ऊपर उठाया जाता है और आपराधिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए मंत्री पद दिया जाता है। प्रोफेसर मनोज ने कहा कि देवताओं को खोदने की सभी खुदाई के पीछे सरकार की वास्तविक मंशा या भक्ति नहीं है, बल्कि चुनाव जीतने के लिए अपना अभियान शुरू करने के लिए एक और मंच प्राप्त करना है।
यूनाइटेड ओबीसी फोरम के अध्यक्ष डॉ. मुलायम सिंह यादव ने हिंसा मुक्त भारत पर बोलते हुए कहा कि किसी भी गठबंधन में दलितों को शामिल किए बिना अभियान का उद्देश्य निरर्थक होगा। उन्होंने बहन मायावती से हिंसा प्रायोजित करने वाली निर्वाचित सरकार को हराने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल होने का आग्रह किया।
नारी शक्ति से सुश्री राजबाला सैनी ने भारतीय संविधान में बदलाव पर आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि जिस दिन डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा सौंपा गया संविधान बदल जायेगा उस दिन काली स्याही से लिखा जायेगा और इससे महिलाओं को नुकसान होगा। भारत के लोग अपने सामाजिक भेदभाव की ओर लौटते हैं जो आज़ादी से पहले मौजूद था।
भारत में हिंसा अपने नापाक मंसूबों तक पहुंच चुकी है
दिल्ली प्रदेश बसपा अध्यक्ष श्री कोशाध्यक्ष ने कहा कि भारत में हिंसा चरम पर है और यह अपने नापाक मंसूबों तक पहुंच चुकी है जहां नफरत के कारण एक व्यक्ति दूसरे के खून का प्यासा हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार एक के बाद दूसरे समुदाय को खत्म करने पर तुली हुई है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग सड़क पर आकर मौजूदा सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं जो देश को धर्म के आधार पर बांटने का काम कर रही है।
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष चौधरी यशबीर सिंह ने कहा कि भारत से समानता का अधिकार खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अमीर और अमीर हो गये हैं जबकि गरीबों को पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया गया है। आरएलडी के उपाध्यक्ष ने कहा कि दलितों और किसानों की दुर्दशा चिंता का एक गंभीर कारण बन गई है और उन्हें खत्म करने के लिए सरकार द्वारा सभी को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया है।
भाग लेने वाले सभी संगठन बिना किसी पूर्वाग्रह या घृणा के समाज के सभी वर्गों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अभियान भागीदारों ने हिंसा के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट होने और शांति के लिए काम करने की भी कसम खाई है। वे आशावादी हैं कि हिंसा मुक्त भारत की उनकी शुरूआत देश की राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी और पूरी संभावना है कि वे 2024 में केंद्र में एक नई सरकार लाने में सफल होंगे।
मौलाना तौकीर रजा ने थर्ड फ्रंट बनाने की बात रखी
कार्यक्रम में शामिल हुए इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल (आइएमसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने मंच पर बोलते हुए थर्ड फ्रंट बनाने की बात रखी। मौलाना ने कहा कि अब हमें किसी पर भरोसा नहीं, हमें अपनी हिस्सेदारी चाहिए। उन्होंने पिछ्ड़े समाज के लोगों को साथ मिलकर एक थर्ड फ्रंट बनाने की बात रखी। हालाँकि मौलाना के जाने के बाद उनकी इस बात से किनारा करते हुए मशावरत के अध्यक्ष ने कहा फ़िरोज़ अहमद ने कहा कि ये मंच वायलेंस फ्री इंडिया(Violence Free India) बनाने के लिए आयोजित किया गया है।
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