नई दिल्ली: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एंड्रयूजगंज में महान हॉकी खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के गौरव मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल पर्व भरपूर उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के साथ मनाया गया। तीन दिनों तक चले इस खेल महोत्सव का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विवेक यादव एवं उप-प्राचार्या श्रीमती ऋतु शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
तीन दिवसीय खेल पर्व की प्रमुख गतिविधियाँ:
29 अगस्त (ऊर्जावान 29 चुनौतियाँ & पास द बॉल): कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों के लिए ‘पास द बॉल’, कैरम और स्क्वैश जैसी विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
30 अगस्त (1 घंटे खेल के मैदान): दूसरे दिन की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। विद्यार्थियों को उनके जीवन और भारतीय हॉकी में उनके अतुलनीय योगदान से परिचित कराया गया। इसके बाद 100 मीटर दौड़, 400 मीटर रिले दौड़, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के रोमांचक मुकाबले आयोजित हुए।
30 अगस्त (संडे ऑन साइकिल): इसी दिन ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने साइकिल चलाकर फिटनेस और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया।
समावेशी खेल भावना की अनूठी मिसाल
इस त्रिदिवसीय आयोजन की सबसे खास बात समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के तहत शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्राचार्य व उप-प्राचार्या ने बढ़ाया उत्साह
प्राचार्य डॉ. विवेक यादव एवं उप-प्राचार्या श्रीमती ऋतु शर्मा ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के जज्बे और खेल भावना की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास करने, जीवन में खेल के महत्व को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का संचार हुआ।
- भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के लिए 51 सदस्यीय ‘राष्ट्रीय निगरानी समिति’ का ऐलान; कानूनी और राजनीतिक राह अपनाएगा संगठन

- खेलों की उमंग से गूँजा पीएम श्री केवी एंड्रयूजगंज: तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल पर्व का हुआ भव्य आयोजन

- राहुल गांधी के धरने के आगे झुकी दिल्ली पुलिस: जंतर-मंतर पर पैलेट गन से घायल साहिल लोचब मामले में 31 दिन बाद FIR दर्ज

- DBCP में देरी और दवाओं की गुणवत्ता पर आयुर्वेद-यूनानी विशेषज्ञों ने जताई चिंता

- ऐतिहासिक तिब्बिया कॉलेज को मिले विश्वविद्यालय का दर्जा, दिल्ली भारतीय चिकित्सा परिषद के गठन की भी मांग: यूनानी तिब्बी कांग्रेस

