सीतापुर जेल से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की रिहाई सोमवार-सुबह लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर एक नए पेच ने इस पूरी प्रक्रिया को थाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, जेल प्रशासन ने रिहाई के दौरान बेल बांड की जांच की तो उसमें आजम खान का पता गलत पाया गया। यही वजह है कि उनकी रिहाई की प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई।
बेल बांड में गड़बड़ी से अटका मामला
जानकारी के अनुसार, किसी भी कैदी की रिहाई के लिए बेल बांड में उसका पूरा और सटीक पता दर्ज होना जरूरी होता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, ताकि रिहा हुए व्यक्ति का रिकॉर्ड सही तरीके से जेल प्रशासन और पुलिस के पास दर्ज रहे। बताया जा रहा है कि आज़म खान के बेल बांड में दर्ज पते में गंभीर असंगति सामने आई, जिस पर जेल प्रशासन ने तत्काल रिहाई रोक दी।
नए दस्तावेज की होगी व्यवस्था
सूत्र बताते हैं कि आज़म खान के वकील और समर्थक अब नए दस्तावेज तैयार करवा रहे हैं। सही एड्रेस के साथ कागज अदालत से दोबारा जेल प्रशासन को सौंपे जाएंगे। फिलहाल रिहाई टल गई है, और तभी प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी जब नए दस्तावेजों की जांच पूरी तरह संतोषजनक पाई जाए।
जेल प्रशासन की सतर्कता
जेल प्रशासन का कहना है कि कैदियों की रिहाई एक अत्यंत संवेदनशील और कानूनी प्रक्रिया है। पते जैसी सरल दिखने वाली जानकारी में भी गड़बड़ी की अनुमति नहीं दी जाती, क्योंकि भविष्य में किसी कानूनी विवाद या जांच-पड़ताल के दौरान यही आधार माना जाता है। यही कारण है कि आजम खान की रिहाई को रोकना पड़ा।
आजम खान के समर्थकों में निराशा
सुबह से ही आजम खान की रिहाई की खबर पाकर उनके समर्थक सीतापुर जेल के बाहर जुटने शुरू हो गए थे। कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल था और रिहाई को लेकर तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद समर्थक निराश लौटने लगे। अब सभी की निगाहें नए दस्तावेजों के जमा होने और रिहाई की अगली तिथि को लेकर टिकी हैं।
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