उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान की रिहाई एक बार फिर अटक गई है। मंगलवार सुबह उन्हें सीतापुर जेल से रिहा होना था, मगर आखिरी वक्त में कानूनी प्रक्रिया में अड़चन आ गई। दरअसल, आज़म खान को 23 महीने बाद जेल से बाहर आने के लिए जरूरी सभी 72 मुकदमों में कोर्ट से रिहाई आदेश मिल चुका है, लेकिन रामपुर की एक केस में ₹8,000 के चालान की अदायगी नहीं हो पाई है, जिस कारण रिहाई आदेश जारी नहीं हो पाया।
जेल प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
सीतापुर जेल प्रशासन ने आज़म खान की रिहाई की पूरी तैयारियां कर ली थी। जेल के बाहर भारी संख्या में सपा कार्यकर्ता और आज़म समर्थक सुबह से जुटे थे, उनके बेटे अदीब आजम भी मौके पर मौजूद रहे। भीड़ की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर चौकसी बरतते हुए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है और पुलिस लगातार समर्थकों को हटाने की कोशिश करती रही। ड्रोन के जरिए भी जेल के बाहर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की कानून व्यवस्था में बाधा न आए।
कानूनी पेच और रिहाई में देरी
बेल ऑर्डर सभी केसों में मिल चुका है, लेकिन चालान का भुगतान न होने की वजह से मुरादाबाद कोर्ट से रिहाई का परवाना अभी जारी नहीं हुआ है। जब रामपुर कोर्ट खुलता है (सुबह 10 बजे), तो चालान जमा होगा, उसकी रसीद और रिहाई आदेश वायरलेस या ऑनलाइन फॉर्म में सीतापुर जेल भेजे जाएंगे। अगर सब प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक पूरी हो जाती है, तो आज़म खान की रिहाई आज शाम तक संभव है। अन्यथा, रिहाई कल तक टल सकती है।
अन्य तथ्य और ताजा हालात
- आज़म खान के खिलाफ कुल 72 मामलों में जमानत और रिहाई आदेश मिल चुके हैं।
- कोर्ट में चालान के चक्कर में उनकी रिहाई की प्रक्रिया बार-बार अटक रही है।
- प्रशासन ने कानून व्यवस्था के मद्देनज़र सीतापुर में धारा 163 लागू की है, और सख्त पहरा बैठाया गया है।
- समर्थकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लगातार मशक्कत करनी पड़ रही है।
फिलहाल आज़म खान का आज ही रिहा होना कोर्ट के आदेश और चालान की रसीद मिलने पर निर्भर करता है। जेल प्रशासन पूरी तैयारियों में है, लेकिन रिहाई आदेश आते ही ही उन्हें छोड़ दिया जाएगा, अन्यथा रिहाई कल के लिए टल सकती है।
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