बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां 4 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। वहीं, आरोपी द्वारा की गई फायरिंग में एक पुलिस उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) भी घायल हुए हैं।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और घटना से जुड़े साक्ष्य बरामद कर लिए हैं।
सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से दबोचा गया आरोपी
मामला बदायूं जिले के अलापुर थाना क्षेत्र का है, जहां बीते 25 जून को एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद से ही इलाके में भारी आक्रोश था और पुलिस आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
एसएसपी (SSP) अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना अलापुर पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस टीम को इस मामले में लगाया गया था। पुलिस टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई और आखिरकार आरोपी को अलापुर के भसराला इलाके से ट्रेस कर लिया।
पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर (घायल)
28 जून की सुबह जब पुलिस टीम ने आरोपी को घेरने का प्रयास किया, तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस उपनिरीक्षक गौरव कुमार भी आरोपी की गोली लगने से घायल हो गए। आनन-फानन में पुलिस ने आरोपी और घायल उपनिरीक्षक दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक: “पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस मामले में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।”
रक्तरंजित अंगोछा और तमंचा बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल और आरोपी के पास से निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
- 01 अवैध तमंचा (315 बोर)
- 04 खोखा कारतूस और 01 जिंदा कारतूस
- 110 रुपये नगद
- घटना के वक्त इस्तेमाल किया गया रक्तरंजित अंगोछा
पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है।
