बदायूं: गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के 4 दिन बाद युवक की मौत, परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना को बताया जिम्मेदार

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जरीफनगर पुलिस पर बेटे को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप, तनाव के बीच 3 थानों की फोर्स तैनात

बदायूं (उत्तर प्रदेश): बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के महज चार दिन बाद, नामजद किए गए एक युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस की लगातार दबिश, मानसिक प्रताड़ना और पूरे परिवार को परेशान किए जाने की वजह से युवक को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

घटना के बाद से क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति और टकराव को रोकने के लिए गांव में तीन थानों का पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, बीते 20 मई को जरीफनगर थाना प्रभारी सुमित शर्मा की ओर से कुछ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस का आरोप था कि यह लोग एक संगठित गिरोह बनाकर समाज विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

इस मुकदमे में पुलिस ने चार लोगों को नामजद किया था:

  • मुस्लिम पुत्र कदीर कुरैशी (निवासी: भवानीपुर खैरू, सहसवान)
  • मोहम्मद आलम (निवासी: भवानीपुर खैरू, सहसवान)
  • फखरे आलम पुत्रगण नन्हे कुरैशी (निवासी: भवानीपुर खैरू, सहसवान)
  • करू उर्फ कल्यान पुत्र यादराम (निवासी: रसूलपुर कलां, जरीफनगर)

इसी मुकदमे में नामजद रसूलपुर कलां निवासी करू उर्फ कल्यान की शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई।

परिजनों के गंभीर आरोप: “बेटे को भेजा फर्जी जेल”

मृतक कल्यान के परिजनों का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट में नाम आने के बाद से ही पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार घर पर दबिश दे रही थी। कल्यान के घर पर न मिलने की स्थिति में पुलिस टीम द्वारा परिवार के अन्य सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा था।

परिजनों ने पुलिस पर निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए हैं:

  • बेटे पर फर्जी कार्रवाई: आरोप है कि पुलिस ने कल्यान पर दबाव बनाने के लिए उनके बेटे संजय को पहले हिरासत में लिया और फिर उसके पास से अवैध तमंचे की बरामदगी दिखाकर उसे जेल भेज दिया। परिजनों का दावा है कि संजय का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था।
  • रिश्तेदारों को परेशान करना: परिवार के अनुसार, पुलिस सिर्फ उनके घर ही नहीं, बल्कि रिश्तेदारों और परिचितों के यहाँ भी पूछताछ के नाम पर दबिश देकर उन्हें परेशान कर रही थी।
  • मानसिक प्रताड़ना: चौतरफा दबाव, बदनामी के डर और पुलिस के भय के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव में था, जिससे तंग आकर कल्यान ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात, निष्पक्ष जांच की मांग

युवक की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए और रसूलपुर कलां गांव में तीन थानों की पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।

मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है।

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