रामपुर: आपदा से नुकसान होने पर तुरंत मिलेगी सरकारी मदद, DM अजय कुमार द्विवेदी ने जारी किए सख्त निर्देश

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रामपुर (उत्तर प्रदेश): अगर किसी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा के कारण जान-माल, मकान या फसल का नुकसान होता है, तो प्रशासन तुरंत राहत सहायता उपलब्ध कराएगा। रामपुर के जिलाधिकारी (DM) अजय कुमार द्विवेदी ने जनपदवासियों के लिए इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि आपदा से नुकसान होने पर पीड़ित परिवार बिना देर किए इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते मुआवजा राशि बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सके।

इन 20+ आपदाओं के नुकसान पर मिलेगा मुआवजा

शासन द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार, नीचे दी गई अधिसूचित आपदाओं के कारण होने वाली जनहानि, पशुहानि, मकान की क्षति और फसल बर्बादी पर आर्थिक सहायता दी जाएगी:

  • मौसम जनित आपदाएं: बाढ़, अतिवृष्टि (भारी बारिश), ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, शीतलहर और लू (तापघात)।
  • आकस्मिक दुर्घटनाएं: आकाशीय बिजली गिरना, अग्निकांड, भूकंप, भूस्खलन और सूखा।
  • अन्य हादसे: सर्पदंश (सांप का काटना), जंगली पशुओं का हमला, डूबने की घटनाएं, और कीट-रोगों से फसल की बर्बादी।
  • विशिष्ट मानवजनित हादसे: सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटना, गैस रिसाव (Gas Leak) और बोरवेल में गिरने जैसी घटनाएं।

📞 नुकसान होने पर कहाँ और कैसे करें संपर्क?

जिलाधिकारी ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की क्षति होने पर प्रभावित व्यक्ति या उनके परिजन तुरंत नीचे दिए गए माध्यमों से प्रशासन को सूचित करें:

  1. अपने क्षेत्र के लेखपाल को जानकारी दें।
  2. राजस्व निरीक्षक या तहसील प्रशासन से संपर्क करें।
  3. सीधे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (District Disaster Control Room) को सूचना दें।

⚠️ सबसे महत्वपूर्ण नियम: जिलाधिकारी ने विशेष तौर पर स्पष्ट किया है कि जनहानि (मृत्यु) के मामलों में राहत सहायता राशि तभी स्वीकृत होगी, जब मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध होगी। इसलिए ऐसी दुखद घटनाओं में नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए।

‘राहत पोर्टल’ पर अपलोड होगा विवरण, सीधे खाते में आएगा पैसा

DM अजय कुमार द्विवेदी ने सभी ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों, सचिवों और कोटेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

जैसे ही किसी नुकसान की सूचना मिलेगी, राजस्व और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर जाकर क्षति का सटीक आकलन करेंगे। इसके बाद पूरी रिपोर्ट को निर्धारित प्रारूप में सरकार के ‘राहत पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पात्र व्यक्तियों को बिना किसी दलाली या देरी के सीधा लाभ मिल सके।

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