Opinion

नारी शक्ति से नव भारत तक: महिलाओं को आगे बढ़ाना विकसित भारत 2047 के लिए अनिवार्य

भारत के विकास की कहानी अधूरी है यदि उसमें महिलाओं की भूमिका को समुचित स्थान न दिया जाए। “नारी शक्ति से नव भारत तक”...

तुझे किताब से मुमकिन नहीं फ़राग़… क्या हम वाकई ‘साहिब-ए-किताब’ हैं? – यावर रहमान

क़ुरान एक ऐसी अज़ीम किताब है जो इस कायनात को किसी इत्तेफ़ाक या 'घमंड की रचना' के बजाय एक मुनज़़म (संगठित) ईश्वरीय मंसूबे के...

No Visa? No Problem! 12 Dream Destinations Indians Can Visit in 2026 with Just a Flight Ticket

While planning a trip abroad, obtaining a visa is often the most stressful part of the journey. For many Indian families, it feels like...

“तालीम को निगल गया ज़ायक़ा”- एक तल्ख़ मगर सच्चाई, ख़ुद-एहतेसाब करे-इस्लाम अहमद मंसूरी

आज अगर मुस्लिम मोहल्लों, बस्तियों और बाज़ारों पर नज़र डालें तो हर जानिब बिरयानी, ज़र्दा, पुलाव, क़ोरमा, नहारी, स्टू, क़ीमा, पाया जैसे लज़ीज़ पकवानों...

हम इंसानियत के सबसे पुराने और सबसे बड़े अन्याय को खत्म करने में नाकाम क्यों हो रहे हैं? – शोभा शुक्ला

"महिला हिंसा, इंसानियत के सबसे पुराने और सबसे बड़े अन्याय में शामिल हैं पर उस पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास अत्यंत कम हुए हैं।...

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