नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू, 3 की मौत: जानें क्या है पूरा मामला

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नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाक़े (तराई) में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। सुनसरी ज़िले में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद अब पड़ोसी ज़िलों तक फैल गया है।

प्रशासन ने स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए सुनसरी, सिरहा और धनुषा सहित भारत-नेपाल सीमा से सटे कई संवेदनशील क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस कार्रवाई और झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

नेपाली अधिकारियों के अनुसार, तनाव की शुरुआत सुनसरी ज़िले की देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका (वार्ड नंबर 3) के कप्तानगंज क्षेत्र से हुई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बोल बम’ यात्रा की तैयारियों के दौरान लाउडस्पीकर/डीजे पर संगीत बजाने और धार्मिक झंडों को लगाने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों तरफ से पत्थरबाज़ी शुरू हो गई।

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर स्थिति बिगड़ने पर हवाई फ़ायरिंग की।

हताहत और प्रभावित इलाक़े

झड़प और पुलिस फ़ायरिंग के दौरान घायल हुए कप्तानगंज निवासी 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौक़े पर ही मौत हो गई। बाद में इलाज के दौरान दो अन्य घायलों ने भी दम तोड़ दिया। घायलों को बिराटनगर और धरान के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

तनाव फैलने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भारत से सटी सीमा पर गश्त बढ़ा दी है और सुनसरी, हरिनागरा, भुटहा और देवानगंज के इलाक़ों में चार या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

सरकार और पुलिस का रुख

नेपाल के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सशस्त्र पुलिस बल (APF) और नेपाल पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

गृह मंत्रालय ने इस घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अफ़वाह फैलाने या सोशल मीडिया के ज़रिए हिंसा भड़काने की कोशिश करने वालों पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।

नेपाल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने भी देश के नागरिकों से शांति, संयम और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि आपसी भाईचारा बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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