मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने गाय को औपचारिक रूप से ‘राज्यमाता-गोमाता’ दर्जा देने का फैसला किया है। इसके अलावा शिंदे सरकार ने देसी गायों के पालन पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की सब्सिडी योजना भी लागू कर दी है।
महाराष्ट्र में चुनाव से ठीक पहले शिंदे सरकार ने गाय को ‘राज्यमाता- गोमाता’ दर्जा देने का फैसला किया है। इसे लेकर चुनावी सियासी घमासान भी शुरू हो गया। कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो गाय को ‘राज्यमाता-गोमाता’ का दर्जा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ तिरुपति के प्रसाद में गाय की चर्बी मिलाई जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने देसी गायों के पालन पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की सब्सिडी योजना भी लागू की गई है। शिंदे सरकार का तर्क है कि महाराष्ट्र की इतिहास और परंपरा में गाय का महत्व ज्यादा है। साधुसंत और महंतो के नाम से महाराष्ट्र राज्य की पहचान है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय संस्कृति में देशी गाय की स्थिति, मानव आहार में देशी गाय के दूध की उपयोगिता, आयुर्वेद चिकित्सा, पंचगव्य उपचार पद्धति तथा जैविक कृषि प्रणालियों में देशी गाय के गोबर एवं गोमूत्र के महत्वपूर्ण स्थान को ध्यान में रखते हुए, यह देशी गायों को अब से “राज्यमाता गोमाता” घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
- बदायूं: बिजली उपकेंद्र से ट्रांसफार्मर का तेल चोरी, 100 गांवों की बत्ती गुल, अंधेरे में डूबे हजारों घर

- सपा की अंदरूनी कलह आई सामने: राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने भिड़े कमाल अख्तर और रुचि वीरा; खुशनूद नाम के युवक पर हुआ भारी हंगामा

- मौलाना सलमान हुसैनी नदवी का इंतकाल, इल्मी जगत शोकाकुल

- मुख्यमंत्री के आगमन से पहले रामपुर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, कमिश्नर और डीआईजी ने किया निरीक्षण

- Baramulla Police Debunk Rumors of Terror Attack and Yatra Cancellation; FIR Registered

- बदायूं: ‘एक कॉल पर पूरी विधानसभा बंद करा दूंगा…’, भीम आर्मी नेता का इंस्पेक्टर के सामने विवादित वीडियो वायरल

