नई दिल्ली | 25 जुलाई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन और नीट परीक्षा (NEET-UG) को लेकर जारी विवादों के बीच उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया। इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने के पीछे के कारणों और अपने कार्यकाल का ब्यौरा साझा किया।
इस्तीफे के मुख्य बिंदु:
- इस्तीफे की वजह: जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और देश के मौजूदा माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, “पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से मन दुखी है। देश की स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया है।”
- NEET-UG विवाद पर सफाई: उन्होंने बताया कि 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने तुरंत जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनर्गठन कर 21 जून को शांतिपूर्ण तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। साथ ही, अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया।
- विपक्ष पर निशाना: धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को जारी परिणाम संतोषजनक थे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को भी सफलता मिली। हालांकि, जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन व्यथित हुआ।
‘युवा ही भारत के भविष्य और शिल्पकार हैं’
अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा:
“मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा हूं। एक सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र की आधारशिला है। भारत के युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के वाहक और शिल्पकार हैं। किसी भी मेधावी छात्र का करियर परीक्षा माफिया की वजह से खराब न हो, इसके लिए मैंने हमेशा जिम्मेदारी ली है।”
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ काम करना उनके लिए सौभाग्य की बात रही।
अंत में उन्होंने लिखा कि प्रभु श्री जगन्नाथ के आशीर्वाद से वे आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा में समर्पित रहेंगे।
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