नई दिल्ली, 25 जुलाई: देश भर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर हो रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति भवन द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से इस नियुक्ति की पुष्टि की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, प्रल्हाद जोशी अपने वर्तमान ‘खाद्य एवं उपभोक्ता मामले’ मंत्रालय की जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी संभालेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस दोहरी व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में बिना किसी बाधा के निरंतरता बनाए रखना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपील:
इस बीच, शनिवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरभ दास ने छात्रों से अपना आंदोलन समाप्त कर घर लौटने की अपील की।
गौरतलब है कि देश भर में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण शिक्षा मंत्रालय पर भारी राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव था। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जबकि मंत्रालय के दीर्घकालिक पुनर्गठन को लेकर आगे की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।
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