Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
जेल जाने के बाद भी आज़म खान (Azam Khan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं बल्कि हर रोज़ और ज़्यादा ही बढ़ती जा रही हैं।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सपा सांसद आजम खां से जुड़े मामलों और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम रामपुर पहुंची और किसानों के बयान दर्ज किए। आजम खां पर किसानों की जमीन हड़पने के 28 मुकदमे दर्ज हैं।
सपा सांसद आजम खां(Azam Khan) के खिलाफ करीब साल भर पहले मुकदमे दर्ज कराने का सिलसिला शुरू हुआ था। उनके खिलाफ कारीब 90 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के भी 28 मुकदमे शामिल हैं।
अगस्त 2019 को प्रवर्तन निदेशालय ने भी इसका संज्ञान लिया था। ईडी के लखनऊ कार्यालय में आजम खां के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। प्रशासन ने भी इस संबंध में रिकार्ड मांगा गया था, जो भेज दिया गया था।
तब से मामला सुस्त पड़ा हुआ था, लेकिन बुधवार को अचानक लखनऊ से आई ईडी की टीम सहायक निदेशक के नेतृत्व में रामपुर पहुंच गई।
टीम ने अजीमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आलियागंज के किसानों को बुलवाया और उनसे जमीनों पर कब्जे के बारे में पूछताछ की।
टीम एक-एक किसान को अंदर बुलाती रही और जानकारी जुटाती रही। बाद में ईडी की टीम सींगनखेड़ा के प्राइमरी स्कूल परिसर भी पहुंची और जमीन को लेकर पूछताछ की।
गौरतलब है कि सांसद आजम खां, उनकी पत्नी विधायक डा. तजीन फातिमा और पुत्र अब्दुल्ला आजम कई मामलों में सीतापुर की जेल में छह माह से बंद हैं।
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