हैदराबाद, 15 अक्टूबर 2025: मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के पूर्व छात्र संघ नेताओं ने कुलपति को पत्र लिखकर मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए छात्र संघ चुनाव शीघ्र कराने की मांग की है।
पूर्व संघ पदाधिकारियों ने कहा है कि लंबे समय से छात्र संघ चुनाव न होने से विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व का अभाव पैदा हो गया है, जिससे सहभागितापूर्ण प्रशासन भी कमजोर हुआ है। उनके अनुसार, छात्र संघ हमेशा से छात्रों की आवाज़ को सामने लाने, नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने और विश्वविद्यालय के अकादमिक व सामाजिक विकास में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि जहां विश्वविद्यालय की अन्य संस्थाओं जैसे एमईडब्ल्यूए और एमएएनयूयूटीए के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, वहीं छात्रों को अपने संघ के चुनाव से वंचित रखा गया है।
पूर्व नेताओं ने लिंगडोह (Lyngdoh Committee) कमेटी की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह से आठ हफ्तों के भीतर छात्र संघ चुनाव कराना अनिवार्य है। उन्होंने मांग की है कि 20 अक्टूबर 2025 से पहले चुनाव अधिसूचना जारी की जाए। अन्यथा वे शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से संपर्क कर नियमों के अनुपालन और छात्र प्रतिनिधित्व की बहाली सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में विभिन्न वर्षों के पूर्व अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष शामिल हैं। इनमें नूरुज़ ज़ोहा (2014–15), आताउल्लाह नियाज़ी (2017–18), मोहम्मद फैज़ान (2018–19), उमर फारूक क़ादरी (2019–20), मुर्सलीन असलम (2021–22) और मोहम्मद फैज़ान (2022–23) जैसे नाम प्रमुख हैं।
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