“अंतरिक्ष में इज़राइल का ताज़ा जासूसी उपग्रह – अब मध्य पूर्व पर और सख़्त नज़रबानी”

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Israel announced that it sent Ofek 19, the last of the Ofek military surveillance satellite series it has been developing since 1988, into space with a Shavit rocket.
अंतरिक्ष में इज़राइल का ताज़ा जासूसी उपग्रह

Israel Rocket Launch: इज़राइल ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपने नये अत्याधुनिक जासूसी उपग्रह ‘होराइजन 19’ (Ofeq 19) को 2 सितंबर की रात शावित रॉकेट के जरिए पामाचिम एयरबेस से अंतरिक्ष की कक्षा में भेज दिया। यह उपग्रह मध्य पूर्व, खासकर ईरान और आसपास के देशों, पर लगातार 24 घंटे निगरानी रखने में सक्षम बताया जा रहा है

उन्नत तकनीक, अद्वितीय क्षमता:
‘होराइजन 19’ एक अत्यंत उन्नत एसएआर (SAR – Synthetic Aperture Radar) आधारित उपग्रह है, जो रात में भी साफ़ तस्वीरें ले सकता है। इसकी खासियत यह है कि यह ज़मीन पर रखी 50 सेंटीमीटर जितनी छोटी वस्तु की भी तस्वीर खींच सकता है, जो दुश्मन की गतिविधियों पर बेहद बारीकी से नजर रखने की क्षमता दर्शाता है
यह उपग्रह हर मौसम और हर परिस्थिति में काम करने में सक्षम है, जिससे इज़राइल को क्षेत्रीय सुरक्षा में निर्णायक बढ़त मिल गई है।

https://twitter.com/Defence_Turk/status/1963625877712896434

रक्षा मंत्रालय और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ का संयुक्त तकनीकी सहयोग:
‘होराइजन 19’ को इज़राइली रक्षा मंत्रालय और सरकारी कंपनी इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ ने मिलकर विकसित किया है। इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ के सीईओ बोअज़ लेवी ने इसे इज़राइली तकनीक और अंतरिक्ष उपलब्धि का सबूत बताया है

क्या कहा रक्षा मंत्री ने?
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्स ने कहा, “होराइजन 19 का प्रक्षेपण हमारी सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम है। यह दुश्मनों के लिए एक संदेश है कि हम हर परिस्थिति और हर समय उन पर नजर रख रहे हैं। दुनिया के बहुत कम देशों के पास ये क्षमता है।” उन्होंने इसे इज़राइल की ‘विश्व स्तरीय सैन्य तकनीकी श्रेष्ठता’ का प्रमाण बताया।

क्यों मायने रखता है ये प्रक्षेपण?
यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है, जब मध्य पूर्व में इज़राइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। पिछले कुछ महीनों में इज़राइल ने सीरिया, लेबनान, यमन, इराक और ईरान में सैकड़ों लक्ष्यों पर हमले किए हैं और दावा किया है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है
‘होराइजन 19’ इस नतीजे का हिस्सा है कि मध्य पूर्व की जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए इज़राइल ने अपनी खुफिया, अवलोकन, और आक्रामक क्षमताओं को और मजबूत कर लिया है।

नजर रहेगी हर गतिविधि पर:
इज़राइली अधिकारियों के मुताबिक, अब दुश्मन प्रदेशों में होने वाली हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखी जाएगी। हजारों सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए ईरान सहित संवेदनशील लक्ष्यों पर 24×7 निगरानी शुरू हो गई है।

बदलती रणनीति, बढ़ता दवाब:
होराइजन 19 कोई अकेला उपग्रह नहीं है। इज़राइल 1988 से लगातार उन्नत जासूसी अंतरिक्ष यान भेज रहा है, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी सैन्य शक्ति को बढ़ाते रहे हैं
इसके साथ ही, इज़राइल ने कई देशों में अपने विमानन अड्डों, परमाणु स्थलों, और सैन्य बलों पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति-समीकरण में नए सिरे से तनाव पैदा हो गया है।

निष्कर्ष:
‘होराइजन 19’ का सफल प्रक्षेपण इज़राइल की अंतरिक्ष एवं सैन्य तकनीकी शक्ति का प्रतीक है, जो उसकी निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमताओं को कई गुना बढ़ाकर मद्य पूर्व में सत्ता संतुलन को प्रभावित करेगा। अब इज़राइल हर वक्त, हर जगह, और हर परिस्थिति में क्षेत्रीय खतरों पर पैनी नजर रखने में सक्षम है।”