जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने यूपी में पुलिस बर्बरता, बिहार में मतदाता सूची विवाद और गाजा नरसंहार की निंदा की

Date:

नई दिल्ली: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने अपनी मासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मुहम्मद’ के नारे को लेकर मुसलमानों पर हो रही पुलिस कार्रवाई, बिहार में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और गाजा में इजरायली नरसंहार पर गंभीर चिंता जताई है।

यूपी में व्यवस्थित उत्पीड़न का आरोप

संगठन के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद (सल्ल०) के प्रति प्रेम की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति को अपराध बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर तक देशभर में 21 एफआईआर में 1,324 मुसलमानों को आरोपित किया गया है और 38 गिरफ्तारियां हुई हैं। अकेले बरेली में 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई एफआईआर में ‘आई लव मुहम्मद’ का उल्लेख तक नहीं है, बल्कि ‘गैरकानूनी सभा’ और ‘शत्रुता को बढ़ावा देने’ जैसी असंबंधित धाराएं लगाई गई हैं। नाबालिगों को व्हाट्सएप डिस्प्ले पिक्चर के लिए हिरासत में लिया गया है और मौलाना तौकीर रजा खान जैसे समुदाय के नेताओं पर कई मामले दर्ज किए गए हैं।

एनसीआरबी 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध और अनुसूचित जातियों के खिलाफ 15,130 अत्याचार के मामले दर्ज हुए। जमाअत ने राजनीतिक रूप से प्रेरित एफआईआर वापस लेने, निर्दोषों की रिहाई और पुलिस ज्यादतियों के लिए न्यायिक जवाबदेही की मांग की।

बिहार में 47 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए

एपीसीआर के सचिव नदीम खान ने बिहार में 24 जून से 30 सितंबर के बीच हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में 65 लाख नाम हटाए गए थे और सुधार के बाद भी 47 लाख नाम हटाए गए हैं।

मुस्लिम बहुल जिलों में सबसे ज्यादा मतदाता हटाए गए – गोपालगंज में 12.13%, किशनगंज में 9.69%, पूर्णिया में 8.41%, कटिहार में 7.12% और अररिया में 5.55%। उन्होंने कहा कि यह पैटर्न बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से लगे सीमांचल क्षेत्र को निशाना बनाने की ओर इशारा करता है।

नदीम खान ने चेतावनी दी कि यह एनआरसी-सीएए प्रकरण की याद दिलाता है और जनसांख्यिकीय इंजीनियरिंग का मौन रूप प्रतीत होता है। जमाअत ने चुनाव आयोग से विलोपन के मानदंड स्पष्ट करने, जिलेवार सामुदायिक आंकड़े प्रकाशित करने और गलत तरीके से हटाए गए नामों को बहाल करने का आग्रह किया।

गाजा में नरसंहार और मानवीय बेड़े पर हमले की निंदा

उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने गाजा में इजरायली नरसंहार और राहत सामग्री ले जा रहे मानवीय बेड़े पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्षों से गाजा में लगातार बमबारी हो रही है, जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए।

उन्होंने दोहा में हमास अधिकारियों पर हमले को इजरायली आक्रामकता का नया पैटर्न बताया। जमाअत ने तत्काल युद्धविराम, इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, आईसीसी में इजरायली नेताओं पर मुकदमा और गाजा तक बेरोकटोक मानवीय पहुंच की मांग की।

प्रो. इंजीनियर ने भारत सरकार से संयुक्त राष्ट्र में सैद्धांतिक रुख अपनाने और फिलिस्तीन के प्रति भारत के ऐतिहासिक समर्थन के अनुरूप विदेश नीति बनाने का आग्रह किया।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देशभर...

Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

Muslim Rashtriya Manch Marks Pahalgam Attack Anniversary with Nationwide...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल...

Jamia Millia Islamia Declares Class X Results: Girls Outshine Boys with 98.65% Pass Rate

New Delhi, April 22, 2026: Jamia Millia Islamia (JMI)...