जौहर यूनिवर्सिटी पर नहीं चलेगा बुलडोजर: कमिश्नर के ऐतिहासिक फैसले के मुरीद हुए लोग, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (RSS) ने जताया आभार

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Jauhar University Stay
जौहर यूनिवर्सिटी पर नहीं चलेगा बुलडोजर: कमिश्नर के ऐतिहासिक फैसले के मुरीद हुए लोग

मुरादाबाद: रामपुर की प्रसिद्ध मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी कानूनी और नैतिक राहत मिली है। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त (कमिश्नर) आंजनेय कुमार सिंह ने रामपुर जिलाधिकारी (DM) के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है। इस फैसले के बाद अब विश्वविद्यालय परिसर में अगली सुनवाई तक बुलडोजर की कार्रवाई पूरी तरह से थम गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब कमिश्नर कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलों और तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा।

तालीम, तहज़ीब और तरक्की का फैसला: राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने की सराहना

कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह द्वारा कानून के दायरे में रहकर जनहित को प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय की चौतरफा सराहना हो रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने इस फैसले को न्याय, शिक्षा और सामाजिक समरसता की बड़ी जीत बताया है।

मंच के राष्ट्रीय संयोजक मज़ाहिर रूहेला पठान ने फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा:

“कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि निष्पक्ष न्याय और जनहित से बढ़कर कुछ नहीं है। तमाम राजनीतिक और प्रशासनिक दबावों को दरकिनार कर केवल ‘शिक्षा और युवाओं के भविष्य’ के पक्ष में फैसला देना एक मिसाली कदम है। यह निर्णय तालीम, तहज़ीब और तरक्की की राह में एक मील का पत्थर साबित होगा।”

‘चौंकाने वाला नहीं, प्रशासनिक नैतिकता की मिसाल है यह फैसला’

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रतिनिधियों ने कमिश्नर सिंह के दूरदर्शी दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फैसला गरीब और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के सुनहरे भविष्य और उनके शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित करता है।

  • कानून का सम्मान: कमिश्नर के इस फैसले ने आम जनमानस में न्यायपालिका और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
  • शिक्षा सर्वोपरि: पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर लिया गया यह फैसला एक कुशल और राष्ट्रवादी अधिकारी की पहचान को दर्शाता है।

इस ऐतिहासिक कदम के लिए मंच ने मंडल आयुक्त को बधाई दी और उम्मीद जताई कि आगे की सुनवाई में भी न्याय और नियम-कायदों की ही जीत होगी।