मोहम्मद मुस्लिम: महान इंसान, बेबाक पत्रकार’ पुस्तक का लोकार्पण

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नई दिल्ली, 13 नवम्बर: उर्दू के जाने-माने पत्रकार और दावत अख़बार के पूर्व संपादक मोहम्मद मुस्लिम साहब के जीवन और सेवाओं पर आधारित पत्रकार जावेद अख्तर द्वारा संपादित पुस्तक ‘मोहम्मद मुस्लिम: महान इंसान, बेबाक पत्रकार’ का विमोचन बुधवार को दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पास स्थित दीन-दुनिया हाउस में किया गया।

इस समारोह का आयोजन दिल्ली यूथ वेलफेयर एसोसिएशन (डायवा) ने किया था। कार्यक्रम में प्रोफेसर अख़्तरुल वासे, वरिष्ठ पत्रकार मासूम मुरादाबादी, प्रोफेसर रियाज़ उमर और मुस्लिम साहब के पुत्र अतहर मुस्लिम ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद त़क़ी ने किया। इस अवसर पर पुरानी दिल्ली की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

प्रोफेसर अख़्तरुल वासे ने मोहम्मद मुस्लिम साहब को याद करते हुए कहा कि उनमें सहाफ़ियों जैसी नहीं बल्कि सहाबियों वाली खूबियाँ थीं। उन्होंने एक घटना को याद करते हुए उसका जिक्र किया जब मुस्लिम साहब ने अमेरिका में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप के लिए अपने बेटे की बजाय उन्हें प्राथमिकता दी थी।

वरिष्ठ पत्रकार मासूम मुरादाबादी ने कहा कि नई पीढ़ी के पत्रकारों को मोहम्मद मुस्लिम जैसे पत्रकारों से यह सीखना चाहिए कि कठिन परिस्थितियों में भी पत्रकारिता की सच्चाई और गरिमा को कैसे बरकरार रखा जाता है। सही बात कहना और लिखना ही एक सच्चे पत्रकार का मूल कर्तव्य है।

शिक्षाविद और समाजसेवी प्रोफेसर रियाज़ उमर ने सुझाव दिया कि युवा पत्रकारों के प्रशिक्षण और उनके लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की जानी चाहिए।

अतहर मुस्लिम ने अपने पिता से जुड़ी यादें साझा कीं।

पुस्तक के संपादक जावेद अख्तर ने बताया कि पुस्तक तैयार करते समय मुस्लिम साहब की शख्सियत ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। कई लोग यह राय रखते हैं कि अगर किसी को अल्लामा इक़बाल के ‘मर्द-ए-मोमिन’ की तस्वीर देखनी हो तो वह मोहम्मद मुस्लिम साहब में देख सकता है।

ग़ौरतलब है कि ‘मोहम्मद मुस्लिम: महान इंसान, बेबाक पत्रकार’ इस विषय पर प्रकाशित होने वाली पहली पुस्तक है। संपादक जावेद अख्तर फिलहाल डीडब्ल्यू (पूर्व में वॉइस ऑफ़ जर्मनी) के दिल्ली ब्यूरो में उर्दू संपादक हैं और लगभग पच्चीस वर्षों तक यूएनआई उर्दू सेवा से जुड़े रहे हैं।

320 पृष्ठों की इस पुस्तक में लगभग 40 लेख शामिल हैं, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल, कुलदीप नैयर, सैयद शहाबुद्दीन, सैयद हामिद, जी.डी. चंदन, सैयद अली शाह गिलानी समेत कई नामचीन हस्तियों के लेख हैं। इसके अलावा पुस्तक में मुस्लिम साहब 

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