उत्तम नगर हिंसा मामला: जमीयत उलमा-ए-हिंद ने जॉइंट पुलिस कमिश्नर से की मुलाकात, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा समेत रखीं 5 मांगें

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नई दिल्ली: उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में 26 वर्षीय तरुण कुमार की दुखद मृत्यु के बाद उपजे तनाव और सांप्रदायिक माहौल को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर पश्चिमी रेंज के जॉइंट पुलिस कमिश्नर जतीन नरवाल से उनके जनकपुरी स्थित कार्यालय में मुलाकात की और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।

सांप्रदायिक तनाव और असुरक्षा पर चिंता

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जमीयत के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने किया। संगठन ने पुलिस को सौंपे ज्ञापन में कहा कि तरुण कुमार की मौत के बाद कुछ सांप्रदायिक तत्व जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

जमीयत ने आरोप लगाया कि:

  • मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की धमकियां दी जा रही हैं।
  • सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और नफरत भरे नारे प्रसारित किए जा रहे हैं।
  • घटना के बाद घरों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की खबरें सामने आई हैं।
  • नगर निगम की हालिया कार्रवाई (बुलडोजर) पर भी सवाल उठाए गए हैं।

संगठन ने इस पूरे मामले से केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त को भी पत्र के जरिए अवगत कराया है।

जमीयत की 5 प्रमुख मांगें

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. सख्त कार्रवाई: सांप्रदायिक नफरत फैलाने और हिंसा के लिए उकसाने वाले उपद्रवियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।
  2. सोशल मीडिया पर नकेल: भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले संदेशों के प्रसार पर तुरंत रोक लगाई जाए।
  3. सुरक्षा व्यवस्था: जेजे कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता सुरक्षा तैनात की जाए।
  4. निष्पक्ष जांच: हुई तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की पारदर्शी जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।
  5. धार्मिक गतिविधियों की सुरक्षा: रमज़ान और ईद-उल-फितर के मद्देनजर मुस्लिम दुकानदारों और नमाज़ियों (मस्जिद/ईदगाह) को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।

पुलिस प्रशासन का आश्वासन

जॉइंट पुलिस कमिश्नर जतीन नरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने बताया कि इलाके में बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और आपसी सौहार्द के लिए शांति समिति की बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने स्थानीय थाने को भी निर्देशित किया है कि बाजार में दुकानें सामान्य रूप से खुलें और मुस्लिम दुकानदारों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

इस प्रतिनिधिमंडल में जमीयत के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मोहम्मद नूरुल्लाह और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल रहे। महासचिव ने अंत में स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

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