उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव मे चंद हफ्ते ही बचे हैं और सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) पूरे प्रदेश में जन विश्वास यात्रा के माध्यम से सत्ता की वापसी के एजेंडे पर है। वहीं सपाइयों को अपने तेज़ तर्रार नेता और लोकसभा सांसद आजम खान की कमी खल रही है।
आज़म ख़ान(Azam Khan) लगभग 2 साल से जेल में बंद हैं। इसी को लेकर सपाइयों उनकी रिहाई की मांग को लेकर धरने भी दे रहे हैं और ख़ून से खत भी लिख रहे हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते उनकी रिहाई में कई कानूनी अड़चनें भी आ रही हैं।
अब एक बार फिर रामपुर(Rampur) की पूर्व सभासद नेहा राज ने हाथों में तख्तियां लेकर लगभग 17 किलोमीटर पैदल चलकर उनकी रिहाई की मांग की है।
सपा सांसद आजम खान 100 से अधिक मामलों में पिछले 2 वर्षों से सीतापुर की जेल में सलाखों के पीछे हैं। उन पर किसानों की जमीन को हथियाने किताबें चोरी, सरकारी चकरोड पर कबजा करने का आरोप है। विधानसभा चुनाव चंद हफ्तों में होना है वह यहां से समाजवादी पार्टी के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व करते हैं जिसका असर आसपास के जिलों में भी होता है।
आज़म ख़ान की रिहाई के लिए कड़ाके की ठंड में सपा कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना
लेकिन इन दिनों आज़म खान की गैरमौजूदगी में सपाइयों में वह जोश नहीं है जो अक्सर पिछले चुनावों में देखा जाता रहा है। अब जोरदार तरीके से उनके समर्थक उनकी रिहाई की मांग भी उठाने लगे हैं।
पूर्व में समर्थकों द्वारा धरना खून से पत्र जैसे कार्य किए गए हैं। लेकिन कानूनी पेंच फंसने के चलते अब तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी है। इसी क्रम में अब एक बार फिर अपने खून से ख़त लिखने वाली पूर्व सभासद नेहा राज ने 17 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय किया और हाथों में आजम खान की रिहाई की मांग को लेकर तख्तियां भी लीं। नेहा राज ने पटवाई से लेकर रामपुर स्थित गांधी समाधि तक पैदल मार्च किया।
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