विधायक ज़ाहिद जमाल बेग, उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे पर एक नौकरानी की संदिग्ध मौत के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने, बाल मज़दूरी कराने और मानव तस्करी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
भदोही से समाजवादी पार्टी के विधायक ज़ाहिद जमाल बेग को बाल मज़दूरी के आरोप समेत अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ज़ाहिद बेग ने अदालत के सामने ज़मानत अर्जी दायर की थी, जिसे अदालत ने बुधवार, 23 जुलाई को मंज़ूर कर लिया।
क्या है पूरा मामला…
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की, जहां कोर्ट ने ज़ाहिद बेग को ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया। बता दें कि इस मामले में सपा विधायक ज़ाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग को पहले ही कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
विधायक ज़ाहिद जमाल बेग, उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे पर एक नौकरानी की संदिग्ध मौत के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने, बाल मज़दूरी कराने और मानव तस्करी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। श्रम विभाग ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के विधायक ज़ाहिद बेग के खिलाफ 13 सितंबर 2024 को जिले के भदोही थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस एफआईआर के अनुसार, 9 सितंबर 2024 को विधायक के सरकारी आवास में एक नाबालिग लड़की का शव बंद कमरे में संदिग्ध हालत में मिला था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह लड़की उनके घर में नौकरानी में थी।
पुलिस ने विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके अलावा उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 143(4) (बच्चे की तस्करी) और 143(5) (एक से अधिक बच्चों की तस्करी) के तहत मामला दर्ज किया था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना के बाद वह फरार हो गए थे, हालांकि बाद में उन्होंने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.
- मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के विरोध में उतरी सपा, रामपुर जाएगा प्रतिनिधिमंडल

- नीट विवाद: पुलिस हिरासत से रिहा हुईं प्रियंका गांधी, सरकार पर बरसीं; बोलीं— ‘लोकतंत्र में प्रदर्शन अपराध नहीं’

- PM आवास के बाहर विपक्ष का भारी हंगामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव हिरासत में; बोले- “सरकार डरी हुई है”

- जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के बजाय टेकओवर करे यूपी सरकार: फसाहत अली शानू

- बदायूं: सपा विधायकों और नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे में सरकार की अपील खारिज, MP-MLA कोर्ट का फैसला बरकरार

