लोकसभा में बसपा सांसद कुँवर दानिश अली ने देश में एक विशेष समुदाय के उपर धर्म के आधार पर हो रहे भेदभाव पर बोलते हुए कहा कि आज कल यह सरकार और इनकी पार्टी यह तय करने में लग गई है कि कौन क्या खायेगा, कौन क्या पहनेगा?
लोकसभा में आज बसपा सांसद कुँवर दानिश अली (Danish Ali) ने देश में एक विशेष समुदाय पर धर्म के आधार पर हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया।
दानिश अली ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि आज कल यह सरकार और इनकी पार्टी यह तय करने में लग गई है कि कौन क्या खायेगा, कौन क्या पहनेगा? आपको किस दिन क्या खाना है? आपको मंगलवार में क्या खाना है, आपको सोमवार को क्या खाना है, आपको बुधवार को क्या खाना है?
दानिश अली ने दक्षिण दिल्ली निगम के एक नोटिस के बारे में बात करते हुए कहा कि उसने एक नोटिस निकाला है कि जो छोटे विक्रेता हैं, जो रेहड़ी लगाने वाले हैं, जो छोटे दुकानदार हैं, जो अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, उन पर पाबंदी लगाई कि आप यहां मांसाहारी चीजें नहीं बेच सकते, आप यहां मछली नहीं बेच सकते, यहाँ मांस नहीं बेच सकते। यह क्या तरीका है?
दानिश अली ने कर्नाटक का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज-कल कर्नाटक के अंदर क्या चल रहा है, वहां पर भी रोज़ यही हो रहा है कि आज कोई दुकान चला रहा है, एक विशेष धर्म के लोगों पर पाबंदी लगाई जा रही है कि आप उस परिसर के अंदर अपनी दुकान नहीं लगाएंगे, आप सामान नहीं खरीदेंगे यह देश के लिए बहुत खतरनाक है।
बसपा सांसद ने देश के गृह मंत्री का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि मैं इस पर आपका हस्तक्षेप चाहूंगा क्योंकि अगर हम यहां यह करते हैं तो इसका असर बहुत दूरगामी होगा। कौन किससे खरीदेगा, कौन किसको बेचेगा, इस पर आप सख्ती कीजिए। जिन राज्य सरकारों में, जहां पर ऐसा हो रहा है, खास तौर से आपकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर्नाटक में है। आप यहां से निर्देशित करें कि ऐसा भेदभाव नहीं होना चाहिए। क्योंकि इससे हमारे देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि खराब होती है कि हमारे देश में धर्म के आधार पर ऐसा हो रहा है। दानिश अली ने गृह मंत्री से इसका स्पष्टीकरण देने के लिए भी कहा।
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