Delhi Election: मोदी और केजरीवाल में कोई अंतर नहीं, दोनों झूठ के सहारे सत्ता में आए, प्रियंका का BJP और AAP पर निशाना

0
240
There is no difference between Didi and Kejriwal, both came to power with the help of lies
दी और केजरीवाल में कोई अंतर नहीं, दोनों झूठ के सहारे सत्ता में आए

नई दिल्ली में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘शीला दीक्षित जी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, क्या क्या बातें की गईं। 10 साल गुजर गए, क्या कुछ भी साबित हुआ? सब झूठ था। उस झूठ के आधार पर आम आदमी पार्टी उभरी है।’’

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल में कोई अंतर नहीं है और दोनों झूठ के आधार पर सत्ता में आए हैं।

उन्होंने चांदनी चौक और नई दिल्ली में दो जनसभाओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों को निशाने पर लिया।

नई दिल्ली में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘शीला दीक्षित जी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, क्या क्या बातें की गईं। 10 साल गुजर गए, क्या कुछ भी साबित हुआ? सब झूठ था। उस झूठ के आधार पर आम आदमी पार्टी उभरी है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी और केजरीवाल एक जैसे हैं। झूठ के आधार पर सत्ता में आए। दोनों की ईमानदारी सबने देख ली। एक अडानी और अंबानी को सबकुछ सौंप रहे हैं और दूसरे ने खुद के लिए महल बनाया।’’

इससे पहले, चांदनी चौक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘जो राजनीति एक-दूसरे को लड़ाती है, वह सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम करती है और भाजपा की हमेशा यही राजनीति रही है। नरेंद्र मोदी अपने भाषण में हमेशा दूसरों की आलोचना करते हैं। कहते हैं कि जवाहर लाल नेहरू जी के कारण देश खाई में जा रहा है। दूसरी तरफ केजरीवाल कहते हैं कि हम नरेंद्र मोदी की वजह से काम नहीं कर पा रहे हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘मैंने अपने जीवन में इनके जैसे कायर नेता नहीं देखे- जो किसी चीज की जिम्मेदारी लेना नहीं जानते।’’

प्रियंका गांधी ने चांदनी चौक और लाल किला के इलाके में होने वाली मशहूर रामलीला का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘जब हम छोटे थे, तब हमारी दादी इंदिरा गांधी जी हमें सीताराम बाजार की राम लीला में लेकर जाती थी। उस राम लीला में हर धर्म के लोग होते थे और वे उसमें भाग लेते थे। यहां सदियों से एक अलग संस्कृति रही है और सब प्यार से रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में एक मिसाल बननी चाहिए थी, जिससे हमें गर्व हो सके, लेकिन राजनीति के कारण यहां विकास के काम रुक गए।’’