लखनऊ 11 जुलाई : उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने रविवार को राजधानी लखनऊ में अलक़ायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस का दावा है कि इन लोगों की आगामी स्वतंत्रता दिवस पर लखनऊ सहित कई शहरों में बम विस्फोट करने की योजना थी।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एटीएस (ATS) ने अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े लखनऊ के दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद तथा मड़ियांव के रहने वाले मसीरुद्दीन को गिरफ्तार किया है। मिनहाज के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा एक पिस्तौल बरामद हुई है। उसके घर से बरामद आईईडी को निष्क्रिय कराया जा रहा है। मसीरुद्दीन के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
उन्होंने दावा किया कि ये लोग अलक़ायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी के निर्देश पर अपने साथियों की मदद से आगामी 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, खासकर लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने और मानव बम आदि द्वारा आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए हथियार तथा विस्फोटक भी जमा किया गया था।
कुमार ने बताया कि इस गिरोह में लखनऊ तथा कानपुर के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। उनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार लोगों ने पूछताछ के दौरान अपने सहयोगियों के घर से भाग जाने की बात बताई है। इस सिलसिले में एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस से सहयोग लेकर सघन जांच शुरू की है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में एटीएस थाने में अभियोग दर्ज कराया जा रहा है तथा इन दोनों व्यक्तियों को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर उनके तथा उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी।
अधिकारी ने कहा कि इन लोगों को प्रेशर कुकर, आईईडी एवं अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों के बारे में भी पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 1988 में सोवियत-अफगान युद्ध के वक्त ओसामा बिन लादेन तथा उसके कुछ अन्य साथियों ने अलकायदा का गठन किया था। भारतीय उपमहाद्वीप में मॉड्यूल का ऐलान अलकायदा के तत्कालीन प्रमुख अयमान अल जवाहिरी ने तीन सितंबर 2014 को किया था। उसके मुखिया मौलाना आसिम उमर के 23 सितंबर 2019 को अमेरिका-अफगान अभियान में मारे जाने के बाद से इस मॉड्यूल की आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान-अफगनिस्तान के सीमा क्षेत्र में पेशावर-क्वेटा इलाके से संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि अलकायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए भारत में अलक़ायदा में लोगों की भर्ती करने तथा उनमें कट्टरता का जहर भरने का काम शुरू किया था। इसी के तहत कुछ उग्र प्रवृत्ति के व्यक्तियों को लखनऊ में चिह्नित कर और नियुक्त कर अलकायदा के मॉड्यूल को खड़ा किया गया है। यह मॉड्यूल अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ के अंतर्गत आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया है। इस मॉड्यूल के प्रमुख सदस्यों के तौर पर मिनहाज अहमद, मसीरुद्दीन और शकील के नाम प्रकाश में आए हैं।
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