हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को आतंकवादी घोषित किया जाये-आईएमसी

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Globaltoday.in| गुलरेज़ खान | बरैली

आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव/प्रवक्ता डॉ नफीस खान ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को आतंकवादी घोषित किया जाये।

कानपुर में हुए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे द्वारा बेदर्दी से की गयीं हत्याओं पर डॉ नफीस खान ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश के अंदर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारीओ का यह हाल है तो आम जनता के अंदर कितना खौफ और एराज़ का वातावरण पैदा हो चुका है।

एक तरफ हमारे मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश से तमाम क्रिमिनल पलायन कर जाएं, तो दूसरी ओर क्रिमिनल खुलेआम बिना किसी डर व खौफ के पुलिस अधिकारियों पर एके-47 से हमला करके उन्हें शहीद कर देते हैं।

अब प्रश्न यह उठता है कि एके-47 उन बदमाशों के पास कैसे आयी? हमारी लोकल इंटेलिजेंस क्या कर रही थी? क्या वो हाथ पर हाथ रख कर इस निर्मम घटना का इंतज़ार कर रही थी?

जब अधिकारी उसे गिरफ्तार करने घटनास्थल पर पहुंचते हैं तो हमारे ही कुछ पुलिस कर्मचारी उस को सूचना देकर उसे सचेत कर देते हैँ जिस कारण वो ऐसी निर्मम घटना को अंजाम देने मे सफल हो जाता है और वो अपने पद और अपने प्रदेश और अपने देश से विद्रोह कर के हत्या करा देते हैं।

नफीस खान ने कहा कि हमारी उत्तर प्रदेश सरकार से मांग है कि ऐसे पुलिस कर्मचारी जो कुख्यात अपराधियों को संरक्षण देते हैं या उनको अपराध करने में सहयोग प्रदान करते हैं उनको चिन्हित करके तत्काल प्रभाव से नौकरी से बाहर किया जाए और उन पर भी कानूनी करवाई कर के कानून व्यवस्था को चुस्त व दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री को तो तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए और हमारा जो गृह विभाग जिनके पास है उन्हें भी नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यही हमारे सूबे के सीएम योगी जी का वह रामराज्य है जिसमे हिस्ट्रीशीटर बदमाश खुले आम AK-47 चलाकर हमारे पुलिस कर्मियों की खुले आम निर्मम हत्याएँ कर देता है।

उन्होंने योगी सरकार से मांग है कि तत्काल प्रभाव से इस कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार कर इस को आतंकी का दर्जा दिया जाये और इस पर हत्या व देशद्रोह का केस लगाकर इसे तुरंत जेल भेजा जाये और साथ ही उन्होंने योगी सरकार से मांग की कि शहीद पुलिस कर्मिओ को 5-5 करोड़ रूपए और उनके परिवार मे से किसी एक को सरकारी नौकरी दी जाए।

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