यह जो किताब ‘Dynamic डी एम’ है, बांदा जिले में उनके कामयाब प्रयोगों की Every बयां करती है.अभी कल ही Amazon से आई है, अभी कुछ ही पन्ने पढ़ पाया हूँ.
बस्ती जिले के हैं IAS डॉ. हीरा लाललेखक उत्तर प्रदेश के जिला बस्ती के , बस्ती – मेहदावल रोड पर ग्राम बाग़डीह के रहने वाले हैं , उन्हों ने गरीबी को बहुत करीब से देखा है , पिता पशु चिकित्सालय में कम्पाउण्डर थे ,खुद बहुत तकलीफ खुद बर्दाश्त किया है , इस लिए प्रशासनिक सेवा में आने के बाद , समाज से उस दुख को दूर करने का अनुकरणीय कार्य किया . कितने बन पाते हैं IAS डॉ. हीरा लाल।
आप ने देखा होगा हर साल जब UPSC का नतीजा आता है, कामयाब उम्मीदवारों के Interview आते हैं, ज्यादातर लोग यही कहते देखे जाते हैं कि मैं ग्रामीण विकास के लिए काम करूँगा, महिला अधिकारी कहती हैं मैं महिलाओं के उत्थान के लिए काम करूंगी, देश में नई शिक्षा क्रांति लाना मेरा उद्देश्य है वगैरा, लेकिन IAS डॉ. हीरा लाल कितने बन पाते हैं ? महज एक वर्ष के अफसरी प्रशिक्षण के बाद उनके हाव-भाव में आमूल चूल परिवर्तन आ जाता है.
पूरे सर्विस काल में वॊ अधिकारी अपना अधिकार जमाने में ही व्यस्त रहते हैं. किसने क्या कहा ?उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने संदेश में लिखती हैं “ मेरा विश्वास है कि पुस्तक में प्रकाशित सामग्री, प्रशासनिक अधिकारियों तथा भविष्य में प्रशासनिक सेवा में आने वाले युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी “.पुस्तक की प्रस्तावना आलोक रंजन IAS, पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने लिखा है.वह भी एक समय में DM बांदा रहे हैं, लिखते हैं ” सचमुच वह जनता के जिलाधिकारी रहे हैं”. ग्रामविकास कार्यक्रम चलाने वालों के लिए है लाभकारीऐसे एनजीओ जो ग्रामविकास कार्यक्रम चला रही हैं उन्हें भी इस का अध्यन करना चाहिए.गाँव की समस्या को जानने और उसका समाधान ग्रामीणों के साथ मिलकर करने में मदद मिलेगी. किसने ने किया प्रकाशित और कैसे करें हासिल ?दिल्ली के प्रकाशक : प्रभात बुक्स ने इसे प्रकाशित किया हैकिताब : 183 पेज की हैदाम : 250 INR है.Amazon या flipcart से हासिल की जा सकती है.
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