Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
वक्त वक्त की बात है कभी ऐसा दौर था कि रामपुर में आजम खान(Azam Khan) की तूती बोलती थी। वह जो चाहते थे वही होता था। उन्होंने रामपुर में विकास कराया, नये-नये पार्क बनवाए और नवाबी के दौर के दरवाजे तोड़ कर उनकी जगह नए आलीशान द्वार बनवाएं और उनके नाम अपनी पसंद से रखे।
आज़म खान ने एक पार्क का नाम अपने पिता मुमताज़ खान के नाम पर मुमताज़ पार्क रखा था।
आज़म खान ने किसी द्वार का नाम बाबे निजात तो किसी का नाम बाबे हयात रखा। लेकिन अब दौर बदल चुका है प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। जो प्राथमिकता के आधार पर नाम बदलने में विश्वास रखती है।
बीजेपी के निशाने पर अब आज़म खान के रखे रामपुर के यही द्वार और पार्क हैं और अब उनके नाम बदले जा रहे हैं।
सिर्फ़ नाम बदल रहे लेकिन विकास कुछ नहीं
नवाबी दौर के ऐतिहासिक भवनों, खूबसूरत पार्कों, नए-नए द्वारों का शहर रामपुर वैसा ही है जैसा पहले था। प्रदेश में सरकार बदलने के साथ रामपुर में कुछ खास नहीं बदला है।
लेकिन अब बदलाव की बयार बह रही है। बदलाव किसी नए निर्माण या किसी नई कल्याणकारी योजना का नहीं बल्कि रामपुर के पुराने भवनों, यहां के पार्को और यहां के खूबसूरत दरवाजों के नामों में हो रहा है।
इसकी मांग उठाई भारतीय जनता पार्टी के नेता आकाश सक्सेना (Akash Saxena) उर्फ हनी ने जिनका कहना है कि रामपुर किसी के बाप का नहीं है। पूर्व मंत्री आजम खान ने यहां पर अपने मनमाफिक नाम रखे। रामपुर के ऐसे लोग जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन लगा दिए और प्राण न्यौछावर किए उनके नामों की जगह आजम खान ने अपने मनमाफिक नाम रखे तो पार्क के नाम अपने पिता के ही नाम पर रख दिया। जिसे बदला जाने कि उन्होंने प्रशासन से मांग की।
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उधर जिलाधिकारी रामपुर आंजनेय कुमार सिंह जो कि रामपुर में आज सर्वे सर्वा हैं, कहते हैं कि हम कोई नाम नहीं बदल रहे। हम तो बस रामपुर के ऐतिहासिक और ऐसे लोगों जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन लगा दिया और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन लोगों के नामों को स्मारकों, द्वारों और पार्कों पर लिखवाया जा रहा है ।
आजम खान के पिता मुमताज़ खान के नाम पर बने पार्क मुमताज़ पार्क का नाम बदले जाने पर डीएम रामपुर कहते हैं,” यह पार्क नगर पालिका के द्वारा बनाया गया था। लेकिन आम लोगों के लिए नहीं खोला गया बल्कि बंद करके रख दिया गया था। हमने इसे खुलवाया है और इसको ठीक ठाक कराया है। साथ ही इसका नाम रामपुर के पहले सांसद और भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद के नाम पर रखा जा रहा है।
बात सही है कि रामपुर में कैसी महान हस्तियां जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन लगा दिया और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए उन लोगों के नाम पर जरूर इस पार्क का नाम होना चाहिए। लेकिन क्या ही अच्छा होता कि सरकार कोई नए विकास कार्य कराती और उनके नाम अपने मनमर्जी से रखती। केवल नाम बदले जाने से टैक्सपेयर्स का पैसा तो खर्च होगा लेकिन जनता का भला नहीं होने वाला।
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