अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास स्थित एक इलेक्ट्रिक जनरेटर पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे आग लग गई। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में बताया कि यह हमला संयंत्र की आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर अल धफरा क्षेत्र में हुआ।
रेडिएशन का कोई खतरा नहीं, संयंत्र सुरक्षित
यूएई ने घटना की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (UAE) को दी है। आईएईए ने बताया कि ड्रोन हमले से संयंत्र में रेडिएशन के स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और वर्तमान में सब कुछ सामान्य बना हुआ है। एजेंसी ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यूएई अधिकारियों के साथ संपर्क में है; आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार है।
संयंत्र के अधिकारियों ने कहा कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ और रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तर सामान्य हैं, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। फेडेरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (एफएएनआर) ने पुष्टि की कि आग का प्रभाव संयंत्र की सुरक्षा प्रणालियों या उनके आवश्यक कार्यों पर नहीं पड़ा है तथा संयंत्र की सभी इकाइयां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।
फिलहाल संयंत्र की यूनिट-3 आपातकालीन डीजल जनरेटरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति प्राप्त कर रही है। आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि परमाणु स्थलों के आसपास सैन्य गतिविधियां और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम पैदा करने वाली कार्रवाइयां “अस्वीकार्य” हैं। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों के साथ अधिकतम सैन्य संयम बरतने की पुनरावृत्ति की, ताकि किसी संभावित परमाणु दुर्घटना के जोखिम से बचा जा सके।
बराकाह संयंत्र को अरब दुनिया का पहला बड़े पैमाने पर चलने वाला परमाणु बिजलीघर माना जाता है और यह यूएई की बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। अब तक किसी समूह या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
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