ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका के साथ न्यूक्लियर समझौते पर जारी तनाव के बीच साफ कर दिया है कि तेहरान ने न तो युद्धविराम का अनुरोध किया है और न ही वर्तमान परिस्थितियों में वाशिंगटन के साथ बातचीत का कोई आधार देखता है।

अमेरिकी प्रसारक को दिए एक साक्षात्कार में अराकची ने कहा कि ईरान पहले से ही अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत कर रहा था, लेकिन उसी दौरान अमेरिकी कार्रवाइयों ने स्थिति को बिगाड़ दिया। “ऐसी परिस्थितियों में बातचीत का कोई औचित्य नहीं बचता,” उन्होंने जोर देकर कहा।
दूसरी ओर, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले दावा किया था कि ईरान समझौता करने को तैयार था, लेकिन तेहरान की शर्तें स्वीकार्य नहीं थीं। हालांकि, वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के साथ संबंध और तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान और इजरायल के बीच हालिया तनाव के बीच इजरायली सेना ने ईरानी क्षेत्रों पर सटीक हमलों की घोषणा की है, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। तेहरान में नागरिक चिंतित हैं, जहां बीबीसी को एक स्थानीय ने बताया, “यदि तनाव बढ़ा तो पूरे क्षेत्र में विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।”
इजरायल के तेल अवीव सहित प्रमुख शहरों में हालिया घटनाओं से सुरक्षा चिंताएँ बढ़ गई हैं, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
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