बदायूँ/सहसवान: कहते हैं कि जहां उम्मीदें खत्म हो जाती हैं, वहां से एक कुशल चिकित्सक की जिम्मेदारी शुरू होती है। जब इंसान जिंदगी से निराश हो जाता है, तब डॉक्टर ही उम्मीद की आखिरी किरण बनता है। इस कहावत को रामनिवास गुप्ता हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आदित्य गुप्ता ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने अपनी सूझबूझ, अथक मेहनत और अनुभव से एक 90 वर्षीय वृद्ध महिला को नया जीवन देकर क्षेत्र में मिसाल पेश की है।
नगर के मोहल्ला नसरुल्लागंज निवासी रामकृष्ण सक्सेना (उर्फ राय साहब) की पत्नी श्रीमती सरला सक्सेना पिछले करीब पांच वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। पांच वर्ष पूर्व उन्हें ‘कम्पलीट हार्ट ब्लॉक’ जैसी गंभीर हृदय बीमारी ने घेर लिया था, जिससे उनकी जान पर बन आई थी। उस कठिन समय में डॉ. आदित्य गुप्ता ने त्वरित कदम उठाते हुए सफलतापूर्वक पेसमेकर प्रत्यारोपण (Implant) किया और उन्हें नई जिंदगी दी। इसके बाद करीब चार वर्षों तक उनका जीवन सामान्य रहा।
चुनौतियों का दौर और डॉक्टर का समर्पण समय बीतने के साथ हाल ही में उन्हें दोबारा हार्ट अटैक आया। परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं, लेकिन डॉ. गुप्ता ने अपनी विशेषज्ञता से उन्हें एक बार फिर संकट से उबारा। अभी परिवार इस मानसिक तनाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अचानक वृद्धा की तबीयत बेहद बिगड़ गई। इस बार वे मल्टी ऑर्गन फेल्योर, सेप्टीसीमिया और हृदय के केवल 20 प्रतिशत काम करने जैसी अत्यंत क्रिटिकल (गंभीर) स्थिति में पहुंच गईं।
परिजनों ने उन्हें कई बड़े हायर सेंटरों में भी दिखाया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। ऐसे निराशाजनक दौर में डॉ. आदित्य गुप्ता एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आए। उन्होंने अपने अस्पताल में मरीज को चौबीसों घंटे गहन निगरानी में रखा और समर्पित उपचार शुरू किया।
डॉक्टर के इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि जो महिला जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थीं, वे अब न केवल खतरे से बाहर हैं, बल्कि अपने पैरों पर खड़ी होने लगी हैं। फिलहाल डॉ. आदित्य गुप्ता की देखरेख में उनका इलाज जारी है और जल्द ही उनके पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद है। डॉ. गुप्ता के इस मानवीय और उत्कृष्ट चिकित्सकीय कार्य की पूरे नगर में जमकर प्रशंसा हो रही है। लोग उनके समर्पण और सेवा भावना को सलाम कर रहे हैं।
- डॉ. आदित्य गुप्ता ने 90 वर्षीय वृद्धा को दिया नया जीवन, नगर में प्रशंसा

- फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला में चमत्कार: जन्म के महज 40 मिनट बाद नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

- ब्रिटेन में चिकित्सा जगत का चमत्कार: मृत महिला के गर्भाशय दान से जन्मा पहला बच्चा

- मेडिकल साइंस का चमत्कार: अब किसी भी ब्लड ग्रुप के मरीज को लग सकेगा ‘यूनिवर्सल किडनी’

- सर्दियों में खजूर खाने के फायदे: सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है यह सुपरफूड,जानें इसके बेमिसाल स्वास्थ्य लाभ

- इस सर्दी में सर्दी-जुकाम से बचने के 10 आसान तरीके

- ज्वाला गुट्टा ने दिया 30 लीटर ‘लिक्विड गोल्ड’, बचाई हजारों नवजातों की जान

- चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करता है हल्दी-चंदन

