नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर देश की चुनाव प्रणाली, ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। मुलाकात के दौरान विपक्षी नेताओं ने एक ज्ञापन (मेमोरेंडम) सौंपा, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई।
राष्ट्रपति ने मांगे सबूत, जांच का दिया आश्वासन
मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को वोट चोरी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। खड़गे ने कहा, “राष्ट्रपति ने हमारी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इन आरोपों से संबंधित सबूत मांगे हैं। हम जल्द ही सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत उन्हें सौंपेंगे।” उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने, संबंधित पक्षों से परामर्श करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति के रुख को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने संविधान के संरक्षक के रूप में आश्वासन दिया है कि वे इस मामले की जांच करेंगी और विवरण देखेंगी। हमने उनसे आग्रह किया है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस मुद्दे पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।”
राहुल गांधी ने कहा—’सबूत के साथ राष्ट्रपति के समक्ष पेश होंगे’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि जब विपक्ष ने चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया, तो राष्ट्रपति ने इससे इनकार करने के बजाय सबूत पेश करने को कहा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश का युवा और आम नागरिक यह महसूस कर रहा है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष जल्द ही एकत्रित किए गए सभी सबूत राष्ट्रपति भवन को सौंपेगा।
संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च, विजय चौक पर पुलिस ने रोका
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर स्थित ‘संविधान सदन’ के केंद्रीय कक्ष में रणनीति तैयार की। इसके बाद ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) का बैनर लेकर सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने सांसदों के मार्च को विजय चौक पर ही रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके पश्चात 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन जाकर मुलाकात करने की अनुमति दी गई।
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- ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर सौंपे सबूत और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की

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