नासिक TCS घटना: APCR महाराष्ट्र की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग

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नासिक (महाराष्ट्र): 17 अप्रैल 2026: एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR), महाराष्ट्र इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नासिक का विस्तृत ‘फैक्ट-फाइंडिंग’ (तथ्य-अन्वेषण) दौरा किया। यह दौरा टीसीएस (TCS) से जुड़ी उस हालिया घटना के संदर्भ में किया गया, जिसमें कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के आरोपों के तहत कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रतिनिधिमंडल और जमीनी समीक्षा

इस उच्च स्तरीय टीम में एडवोकेट शाकिर शेख (मुंबई), एडवोकेट शुऐब इनामदार (अकोला), एडवोकेट मो. इमरान (मुंबई), एडवोकेट वसीम शेख (नासिक) और जमील अहमद (नासिक) शामिल थे। टीम ने जमीनी हकीकत को समझने के लिए आरोपियों के परिजनों और उनके कानूनी सलाहकारों से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, न्यायिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय में रिमांड कार्यवाही के दौरान भी उपस्थित रहा।

पुलिस आयुक्त को ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने नासिक के पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। APCR ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहकर की जाए।

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APCR के प्रमुख निष्कर्ष

टीम के अनुसार, जमीनी स्तर पर प्राप्त तथ्य प्रचलित मीडिया नैरेटिव और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों से भिन्न हैं। APCR ने चिंता व्यक्त की कि कुछ बाहरी तत्व एक सामान्य कानूनी विवाद को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।

ज्ञापन की मुख्य मांगें:

संस्था ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे हैं:

  • निष्पक्ष जांच: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत जांच पूरी तरह निष्पक्ष और केवल ठोस साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए।
  • भ्रामक सूचनाओं पर रोक: सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अपुष्ट और भड़काऊ सामग्री, जो किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाती है, उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
  • सामुदायिक गरिमा की रक्षा: व्यक्तिगत आरोपों की आड़ में पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिशों को रोका जाए।
  • नोडल अधिकारी की नियुक्ति: जांच में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।

APCR ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि वे इस मामले की कानूनी प्रगति पर निरंतर निगरानी रखेंगे और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार कानूनी सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे।

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