Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
पराली जलाने जाने को लेकर रामपुर (Rampur) में जिला प्रशासन ने 14 किसानों पर बड़ी कार्यवाही की है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार और प्रशासन दोनों ही पराली जलाने वालों के सख्त खिलाफ है और बार-बार लोगों से इसे ना जलाने की अपील भी कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की अपीलों के बावजूद लोग पराली जलाने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।
रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के मुताबिक़ कल तक 14 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें सभी की जांच भी की जा चुकी है।
इनमे तीन कूड़ा जलाने या जमीन के किनारे घास जलाने की घटनाएं हैं और बाकी 11 मामले ऐसे पाए गए हैं जिसमें किसान ने पराली जलाई है।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह (Anjney Kumar Singh) का कहना है कि पिछले 1 महीने से जनपद के हर गांव में किसानों और प्रधानों को जागरूक करने का पूरा कार्यक्रम चलाया गया है और उन लोगों से पराली न जलाने को लेकर दोबारा भी अपील की है यहाँ तक कि हर एक किसान को मशीनें भी उपलब्ध कराई हैं ताकि पराली जलाने की जरूरत ही ना पड़े।

इस सबके बावजूद भी पराली जलाये घटनाएं हुई हैं। बड़ी सख्ती से डील किया है। अभी तक 2 कर्मचारी इसमें सस्पेंड किए जा चुके हैं।
एक कृषि विभाग के कर्मचारी की सेवा समाप्त के लिए भी शासन को भेजा है और इसमें कम से कम 8 कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दे चुके हैं। जिसमें लेखपाल भी शामिल है।
जनपद रामपुर में 14 ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है जो लोग पराली जला रहे थे। इसके अलावा सभी 14 के 14 मामलों में ग्राम प्रधान को भी नोटिस भेजे गए हैं।
अब प्रशासन ने तय किया है कि अगर ये घटनाएं रिपीट होती हैं तो किसानों के साथ साथ ग्राम प्रधान भी उतनी ही पेनाल्टी और दंड में शामिल कराएंगे।
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