Globaltoday.in | नई दिल्ली
शुक्रवार को संसद में शून्यकाल के दौरान कुँवर दानिश अली( Danish Ali) ने देश में बंद पड़े विश्वविद्यालयों को खोले जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तकरीबन दो साल होने जा रहे हैं देश के विभिन्न विश्वविद्यालय बंद पड़े हैं। स्कूल भी खुल गए, सब कुछ खुल गया लेकिन विश्वविद्यालय अभी भी नहीं खोले जा रहे हैं।
जामिया मिलिया इस्लामिया(Jamia Millia Islamia) और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(A.M.U) के बारे में बोलते हुए दानिश अली (Daanish Ali) ने कहा के देश में खासकर में उन दो विश्वविद्यालयों की बात करूंगा जिनका मैं इस लोकसभा के माध्यम से कोर्ट का सदस्य हूँ।
दानिश अली ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी दोनों विश्वविद्यालय नहीं खोले जा रहे हैं। अगर समय से ये विश्वविद्यालय नहीं खोले गए तो हमारी पीढ़ी बहुत पीछे चली जाएगी।
चुनाव जल्द से जल्द कराया जाए
उन्होंने अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आंतरिक चुनाव के लिए सरकार से मांग करते हुए कहा कि जब कोर्ट में कुलपति की नियुक्ति होती है तो उसकी एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है कानून के माध्यम से और उस कानून में यह है कि जो कोर्ट होगा वो अनुशंसा करता है पांच नामों की फिर EC उनमें से तीन नामों का अंत में माननीय राष्ट्रपति जी एक नाम की अनुशंसा करते हैं ये प्रिक्रिया है। लेकिन 50 प्रतिशत से ज्यादा अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय की रिक्तियां है और इसकी प्रक्रिया 6 महीने पहले शुरू होती है। लेकिन मौजूदा कुलपति का कार्यकाल मुश्किल से तीन साढे तीन महीने बचा है। अतः मेरी यह सरकार से मांग है जो हमारे देश में लोकतांत्रिक प्रिक्रियाएँ हैं उनको अंतर्ध्वंस न करें और निर्देशित करें कि अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट के जो रिक्तियां हैं उस के लिए आंतरिक चुनाव जल्द से जल्द कराया जाए।
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