भारत में यूनानी पैथी के दिग्गज डा. सैय्यद अहमद को मिला पहला हकीम अजमल खान पुरस्कार, कोरोना में बचाई थीं हजारों जान

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नई दिल्ली: धन्वंतरि दिवस के अवसर पर इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से हिंदी भवन, नई दिल्ली में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आईएमए की तरफ से आयुर्वेद और यूनानी तिब्बिया कॉलेज, करोल बाग के संस्थापक हकीम अजमल खान के नाम से इस साल पुरस्कारों का सिलसिला शुरु किया गया।

ऑल इंडिया तिब्बी कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल डॉक्टर सैयद अहमद खान को पहले हकीम अजमल खान अवार्ड से नवाज़ा गया है।

ऑल इंडिया तिब्बी कांग्रेस के कानूनी सलाहकार डॉ. लाल बहादुर (एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट) ने डॉ सैयद अहमद खान को बधाई देते हुए कहा कि हम आईएमए के जिम्मेदारों के विशेष रूप से आभारी हैं क्योंकि भारत की साझा विरासत में आयुर्वेद और यूनानी के लोगों सदियों से एक-दूसरे के करीब रहे हैं।

हकीम अजमल खान के नाम से धन्वंतरि दिवस के अवसर पर हकीम अजमल खान पुरस्कार का सिलसिला शुरू करके आईएमए ने बड़ी मिसाल कायम की है। स्वतंत्रता सेनानी हकीम अजमल खान हकीकत में हिंदू मुस्लिम एकता की बड़ी मिसाल थे।

बता दें कि डा. सैयद अहमद खान दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल की यूनानी विंग के प्रभारी रह चुके हैं और कोराना के दौरान उन्‍हाेंने हजारों लोगाें की जान बचाई थी। डॉक्टर सैयद अहमद दिल्‍ली के राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल की यूनानी विंग के भी प्रभारी रह चुके हैं।