भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी जोगिंदर सिंह, वर्तमान में जिलाधिकारी रामपुर, अपने पारदर्शी और विकासपरक प्रशासन के लिए विशेष रूप से सुर्ख़ियों में हैं। उनके नेतृत्व में जिले ने नदियों के पुनरुत्थान, अवैध कब्ज़ों की हटाई, शिक्षा सुधार और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। खास बात यह है कि पराली प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रामपुर को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को किसान सम्मान दिवस 2024 पर सम्मानित किया।
नदियों का पुनरुत्थान
रामपुर की रेवती नदी, नाहल नदी और अविरल नदी समेत कई धाराओं को पुनर्जीवित करने का अभियान जिलाधिकारी के नेतृत्व में चलाया गया। अब तक 22 किलोमीटर नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर प्राकृतिक प्रवाह बहाल किया गया। इस कदम से बाढ़ की आशंका में कमी आई और जल संरक्षण को नई दिशा मिली।


सरकारी भूमि पर सख़्त कार्रवाई
लंबे समय से अवैध कब्ज़ों से जूझ रहे रामपुर में हाल ही में चलाए गए अभियान में 500 हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त कराई गई। प्रशासन का कहना है कि इस भूमि का प्रयोग अब जनहित और विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।

पराली प्रबंधन में अव्वल
पराली प्रबंधन में किए गए कार्यों ने रामपुर को पूरे प्रदेश में अलग पहचान दिलाई। किसानों की सहभागिता और प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। किसान सम्मान दिवस 2024 पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को सम्मानित करते हुए कहा कि “रामपुर का यह प्रयास अन्य जिलों के लिए प्रेरणा है।” किसानों ने भी इसे खेत की उर्वरता और आर्थिक लाभ दोनों के लिए अहम कदम बताया।

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
शिक्षा के क्षेत्र में 150 विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार किया गया। वहीं, 200 महिला स्व सहायता समूहों को वित्तीय सहयोग प्रदान कर आत्मनिर्भरता की राह मजबूत हुई। छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी गई है।
जनता से सीधा संपर्क
जनसुनवाई और नियमित क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से जिलाधिकारी जनता से जुड़े रहते हैं। दैनिक आधार पर औसतन 200 से अधिक नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।

पूर्व कार्यकाल और पहचान
रामपुर आने से पहले जोगिंदर सिंह बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) में उपाध्यक्ष रहे। वहां अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं के खिलाफ उनकी कार्रवाइयों और शहरी योजनाओं की पारदर्शिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान आकर्षित किया। तभी से वे “सीएम की आँखों के तारे” माने जाने लगे।
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