अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में PM मोदी को बुलावा, क्या तेहरान जाएंगे प्रधानमंत्री?

Date:

नई दिल्ली/तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार (जनाजे) की तारीख तय हो गई है। आगामी 9 जुलाई को तेहरान में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस ऐतिहासिक और संवेदनशील मौके पर शामिल होने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक आमंत्रण भेजा है। इस निमंत्रण के बाद अब कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पीएम मोदी खुद तेहरान जाएंगे या भारत किसी उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को वहां भेजेगा।

अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में हुए थे शहीद

गौरतलब है कि गत 28 फरवरी (2026) को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए एक बड़े संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। खुफिया इनपुट के आधार पर उनके आवासीय कार्यालय को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई थी, जिसमें खामेनेई के साथ उनकी बेटी और कुछ अन्य परिजनों की भी जान चली गई थी। इस हमले के बाद ईरान और हमलावर देशों के बीच करीब 40 दिनों तक भीषण युद्ध चला, जिसके बाद फिलहाल युद्धविराम (सीजफायर) की स्थिति बनी हुई है। खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया जा चुका है।

क्या PM मोदी जनाज़े में शामिल होंगे? भारत का रुख

पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अभी तक विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, घटनाक्रम पर नजर डालें तो भारत इस पूरे मामले में बेहद संतुलित और शांतिप्रिय रुख अपनाए हुए है।

  • देरी से शोक संदेश: ईरान द्वारा 1 मार्च को खामेनेई की मौत की पुष्टि किए जाने के बाद भारत ने 5 मार्च को आधिकारिक रूप से शोक व्यक्त किया था।
  • कूटनीतिक संवेदना: भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा कर शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए थे। इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की थी।

तनाव के बीच भी भारत और ईरान के बीच राजनयिक संपर्क बने हुए हैं और कई ईरानी प्रतिनिधि भारत का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत की ओर से कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

PM मोदी नहीं गए, तो कौन हो सकता है विकल्प?

यदि सुरक्षा या व्यस्तता के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तेहरान नहीं जाते हैं, तो उनकी जगह भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है। हालांकि, पूर्व के घटनाक्रमों को देखें तो भारत ऐसे मौकों पर उच्च स्तरीय डेलीगेशन भेजता रहा है।

पुरानी मिसाल: मई 2024 में जब तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हुआ था, तब भारत ने उनके सम्मान में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी और तिरंगा आधा झुका दिया था। उस समय भारत ने तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के नेतृत्व में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। इस बार भी उपराष्ट्रपति या किसी वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री को भेजे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

37 साल तक ईरान के भाग्यविधाता रहे अली खामेनेई

19 अप्रैल 1939 को जन्मे अली हुसैनी खामेनेई ईरान के एक प्रमुख शिया धर्मगुरु और कद्दावर राजनेता थे। उन्होंने साल 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 1989 से लेकर 28 फरवरी 2026 (अपनी मृत्यु तक) वे ईरान के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) के पद पर रहे।

  • सबसे लंबा कार्यकाल: सुप्रीम लीडर के रूप में उनका कार्यकाल आधुनिक मध्य पूर्व (Middle East) के किसी भी अन्य नेता के मुकाबले सबसे लंबा रहा। शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के बाद वे ईरान में सबसे लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहने वाले नेता थे।
  • 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक: उनकी मृत्यु के बाद ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का एलान किया गया था। इस दौरान देश की कमान राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल के एक न्यायविद की अस्थायी परिषद ने संभाली थी, जिसके बाद मार्च 2026 में मोजतबा खामेनेई ने नए सर्वोच्च नेता के रूप में पदभार संभाला।

1981 में भारत का दौरा कर चुके हैं खामेनेई

अयातुल्ला अली खामेनेई का भारत से भी पुराना जुड़ाव रहा है। ईरान के राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने अक्टूबर 1981 में भारत की आधिकारिक यात्रा की थी। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली के अलावा बेंगलुरु और कर्नाटक के शिया बहुल क्षेत्र ‘अलीपुर’ का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने एक अस्पताल का उद्घाटन भी किया था। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर का भी दौरा किया था। यही वजह है कि उनके अंतिम संस्कार में भारत की भागीदारी को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

J&K Police Issue August 5 Security Advisory, Strictly Restrict Unpermitted Rallies

Srinagar: The Jammu and Kashmir Police issued a public...

झारखंड: चतरा के बड़गांव में भीड़ ने युवक की पीट-पीटकर हत्या, प्रशासन पर सवाल

चतरा (झारखंड): जिले के प्रखंड बड़गांव में मंगलवार की...