बरेली / मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश की गौशालाओं में गोवंश के प्रति कथित क्रूरता, चारा-पानी की कमी और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव की शिकायतों को शासन व प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एस.पी.सी.ए. (SPCA) मुरादाबाद के सदस्य मोहम्मद मज़ाहिर ख़ान द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए बरेली मण्डल के अधिकारियों ने उच्चस्तरीय जाँच के निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
SPCA (Society for the Prevention of Cruelty to Animals) मुरादाबाद के सदस्य मो० मज़ाहिर ख़ान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड और बरेली मण्डल के आयुक्त को एक शिकायती पत्र भेजा था। पत्र में उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आ रही वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि मुरादाबाद मण्डल, बरेली-पीलीभीत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की गौशालाओं में गोवंश की स्थिति चिंताजनक है।
शिकायत में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए गए थे:
- गौशालाओं में पर्याप्त चारा और पीने के पानी का अभाव।
- गंदगी, कीचड़ और अस्वास्थ्यकर माहौल में गोवंश को रखना।
- बीमार व घायल पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न कराना।
- गौशाला संचालकों के साथ-साथ संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों की कथित लापरवाही।
मो० मज़ाहिर ख़ान ने माँग की थी कि केवल कागजी निरीक्षण के बजाय अधिकारियों की टीमों द्वारा गौशालाओं का अचानक (सरप्राइज) स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। साथ ही गोवंश की संख्या, बजट के उपयोग और सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
आयुक्त के निर्देश पर अपर निदेशक का कड़ा रुख
आयुक्त, बरेली मण्डल द्वारा प्राप्त ई-मेल शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए पशुपालन विभाग, बरेली मण्डल के अपर निदेशक (ग्रेड-2) डॉ० मदन पाल सिंह ने 09 सितम्बर 2026 को एक आधिकारिक आदेश (पत्रांक: 1366-सी/शिकायत/गोशाला/2026-27) जारी किया।
अपर निदेशक ने मण्डल के चारों जिलों—बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों (CVO) को निर्देश दिया है कि वे शिकायती पत्र में उठाए गए बिंदुओं पर त्वरित आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें और की गई कार्यवाही की रिपोर्ट से कार्यालय को अवगत कराएं।
सभी संबंधित विभागों को भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस आदेश की प्रतिलिपि मण्डल के सभी जिलाधिकारियों (DM), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO), नगर आयुक्तों, उप निदेशकों (पंचायती राज), खण्ड विकास अधिकारियों (BDO) और पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।
प्रशासन के इस कड़े रुख से मण्डल की गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार होने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व गौशाला संचालकों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
- गौशालाओं में क्रूरता और लापरवाही की शिकायत पर बड़ा एक्शन: बरेली मण्डल में उच्चस्तरीय जाँच के आदेश

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