कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जुमेरात को कहा कि यह ‘अपमानजनक’ है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अब हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए नागरिकों के रिश्तेदारों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जुमेरात के रोज़ कहा कि यह ‘अपमानजनक’ है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अब हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए नागरिकों के रिश्तेदारों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी।
उमर ने ट्वीट्स कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को परिवारों तक पहुंचना चाहिए और उन्हें सोमवार को मुठभेड़ में मारे गए उनके परिजनों के शव सौंप देना चाहिए।
उमर ने कहा, “मैंने शायद ही कभी ऐसे परिवारों को देखा है, जिनके साथ अन्याय हुआ है, वे इतनी गरिमा के साथ खुद का आचरण करते हैं। वे अपनी मांगों में उचित हैं। इसका परिणाम सभी को दिखाई दे रहा है क्योंकि पुलिस उन्हें रात के अंधेरे में घसीटती है।”
ग़ौरतलब है कि कश्मीर के हैदरपुरा में बुध की रात मुठभेड़ में मारे गए मुदस्सर गुल और अल्ताफ अहमद के परिवार के सदस्यों को पुलिस ने बेदखल कर हिरासत में ले लिया है।
परिवारों का कहना है कि अल्ताफ अहमद और मुदस्सिर गुल की उग्रवाद में कोई संलिप्तता नहीं थी और उन्होंने मांग की कि उनके शव उन्हें वापस कर दिए जाएं।
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