रामपुर: रहस्यमयी टीचर का पाकिस्तानी कनेक्शन: 30 साल नौकरी, अब FIR!

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रामपुर: पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी करने का मामला रामपुर में सामने आया है, जिसमें करीब 30 साल बाद शिक्षिका के खिलाफ अब आपराधिक केस दर्ज किया गया है।​

मामला क्या है

  • रामपुर जिले के थाना अजीमनगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कमरिया में तैनात शिक्षिका माहिरा अख्तर उर्फ फरजाना के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है।​
  • आरोप है कि वह पाकिस्तानी नागरिक बन जाने के बाद भी अपनी पुरानी भारतीय पहचान के दस्तावेजों के आधार पर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी करती रही।​

पाकिस्तानी नागरिक कैसे बनी

  • माहिरा अख्तर मूल रूप से रामपुर की रहने वाली बताई जाती है, जिन्होंने वर्ष 1979 में पाकिस्तान के एक नागरिक से शादी की थी, जिसके बाद उनकी नागरिकता पाकिस्तान की हो गई।​
  • तलाक के बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लौटीं और फरजाना नाम से रामपुर में बस गईं, जहां वह लंबे समय से रह रही थीं।​

ऐसे मिली सरकारी नौकरी

  • भारत लौटने के बाद 1985 में माहिरा ने रामपुर में दूसरी शादी की और अपनी पुरानी भारतीय नागरिकता से जुड़े कागजों और निवास प्रमाणपत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका की नौकरी हासिल कर ली।​
  • रिपोर्टों के अनुसार, 1990–91 के आसपास जारी निवास प्रमाणपत्र और शैक्षिक व BTC प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर 22 जनवरी 1992 को उन्हें प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त किया गया था और वह वर्षों तक सेवा में बनी रहीं।​

जांच में कैसे खुला राज़

  • स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और विभागीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि माहिरा पहले ही पाकिस्तानी नागरिक बन चुकी थीं, जबकि उन्होंने खुद को कागजों में भारतीय निवासी दिखाकर नौकरी ली थी।​
  • रिपोर्ट तैयार होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले उन्हें निलंबित किया, फिर बर्खास्त कर दिया और शासनादेश जारी होने पर बीएसए की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज कराया गया।​

दर्ज हुई FIR और आगे की कार्रवाई

  • अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर के मुताबिक, माहिरा अख्तर उर्फ फरजाना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 336, 338 और 340 के तहत धोखाधड़ी व कूटरचना सहित अन्य अपराधों में मुकदमा दर्ज किया गया है।​
  • पुलिस का कहना है कि अभी साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है और विभागीय जांच से जुड़े दस्तावेजों व गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें संभावित गिरफ्तारी भी शामिल है, तय की जाएगी।

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