समान नागरिक संहिता: ‘अगर बहुमत है तो UCC को संसद से लाएं, अलग-अलग राज्यों से क्यों?’ – उमर अब्दुल्ला

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर कड़ा ऐतराज जताया है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रतिनिधित्व का मुख्य मंच संसद है, न कि कुछ राज्यों की विधानसभाएं।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अगर केंद्र में सत्तारूढ़ दल के पास संख्या बल (बहुमत) है, तो इसे पिछले दरवाजे से या अलग-अलग राज्यों के रास्ते लागू करने के बजाय सीधे संसद में लाया जाना चाहिए।”

उमर अब्दुल्ला की मुख्य बातें:

  • कानून की परिभाषा पर सवाल: उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है। ऐसे में केवल कुछ राज्यों में इसे लागू करने से यह कानून ‘समान’ या सार्वभौमिक कैसे कहलाएगा?
  • सहयोगी दलों का रुख: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने दावा किया कि एनडीए के कई घटक दल खुद यूसीसी के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनके अपने सहयोगी दल ही इस पर एकमत नहीं हैं, तो इसे पूरे देश पर थोपने की बात कैसे की जा सकती है।

‘विदेश नीति पर चीन के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं’

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने हालिया कूटनीतिक घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी अपनी राय रखी:

  • विदेश नीति और चीन: चीन द्वारा भारत की विदेश नीति की तारीफ किए जाने के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत की एक स्वतंत्र विदेश नीति है और देश को किसी अन्य राष्ट्र से अपनी नीतियों के लिए “सर्टिफिकेट” लेने की जरूरत नहीं है।
  • ब्रिक्स घोषणापत्र का जिक्र: उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) के घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले के स्पष्ट उल्लेख को भारत की कूटनीतिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि उस मंच पर पाकिस्तान के करीबी सहयोगी देशों की मौजूदगी के बावजूद इस मुद्दे का शामिल होना भारतीय विदेश नीति की मजबूती को दर्शाता है।
  • सीमा पर स्थिति: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम होने की खबरों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी शांति और स्थिरता बहाल होगी।

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