युद्धविराम और नए चुनाव की मांग को लेकर हजारों लोगों ने रात भर तेल अवीव में एक बड़े इजरायल विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इज़रायली मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कुछ स्थानों पर आग लगा दी और सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जबकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
इजराइली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने अवैध रूप से सड़क को अवरुद्ध कर दिया था, जिस पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
गाजा में युद्ध के सातवें महीने में प्रवेश करने तथा इस्लामी आंदोलन हमास द्वारा अभी भी बंधक बनाए गए 133 इजरायली नागरिकों के प्रति सरकार के रवैये पर बढ़ते आक्रोश के बीच विरोध प्रदर्शन जारी है।
सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश इजरायली सुरक्षा विफलताओं के लिए नेतन्याहू को दोषी मानते हैं, जिसके कारण 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में हमास लड़ाकों ने विनाशकारी हमला किया।
उधर, इजराइल, हमास युद्ध के 9 महीने पूरे होने पर आज से एक हफ्ते तक इजराइल में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी इजराइली बंधकों की वापसी और नेतन्याहू के इस्तीफे समेत नए चुनाव की मांग करेंगे।
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET विवाद और प्रदर्शनों के बीच छोड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद, Gen-Z की बड़ी जीत

- बांग्लादेश: राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा, कार्यकाल खत्म होने से दो साल पहले छोड़ा पद

- अल काजी उर्दू अकादमी ने उर्दू साहित्य की हस्तियों को किया सम्मानित, भाषा के विकास पर मंथन

- दहेज की मांग और प्रताड़ना पड़ी भारी: पति को हर महीने ₹20 हजार और ₹3 लाख मुआवजा देने का कोर्ट का आदेश

- जम्मू-कश्मीर जल्द होगा आतंक मुक्त, हालिया हिंसक घटनाएं कायरता की निशानी: इंद्रेश कुमार

- CJP की दो मांगों पर सरकार सहमत, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा शनिवार तक का समय

