पूर्व शिवसेना ज़िला प्रमुख अनुराग शर्मा की हत्या का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ़्तार

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Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर

पूर्व शिवसेना प्रमुख अनुराग शर्मा ( की हत्या का आज पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया। इस हत्या के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो तमंचे, एक पिस्तौल और कई कारतूस व एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

 इस हत्या का मास्टरमाइंड मृतक अनुराग शर्मा का करीबी दोस्त छत्रपाल सिंह था। उसी ने दो शूटरों को हायर किया, जिन्होंने अनुराग शर्मा की हत्या की जिसके लिए मास्टर माइंड छत्रपाल सिंह ने शूटर्स को हथियार मुहैया कराये।

उसके बाद छत्रपाल सिंह अनुराग शर्मा हत्याकांड में मुख्य गवाह भी बना। उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और साथ ही साथ परिवार वालों के साथ भी लगा रहा। चूँकि छत्रपाल अनुराग  शर्मा की व्यावसायिक और पारिवारिक हर गतिविधि से रूबरू था जिसके चलते उसने अनुराग शर्मा की हत्या का फुल प्रूफ़ड प्लान बना सका।

हत्या का मुख्य मोटिव अनुराग शर्मा के व्यावसायिक आधिपत्य को हासिल कर खुद की तंगी मिटाना था साथ ही  उसके द्वारा  ये अपने वर्चस्व की लड़ाई भी बताई गयी है।  

क्या था मामला ?

रामपुर कोतवाली सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के आगापुर में 20 मई को शिवसेना के पूर्व जिला प्रमुख अनुराग शर्मा की गोली मारकर हत्या की गई थी जिसमें पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

आज इस हत्या का खुलासा पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने किया है इसमें 4 हत्या आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमे बाबू उर्फ हिमांशु, राजकिशोर उर्फ दुरिया, छत्रपाल सिंह और पवन की गिरफ़्तारी की गयी है। 

पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने प्रेस वार्ता कर इस हत्या का खुलासा किया करते हुए बताया,” 20 मई की रात को अनुराग शर्मा की हत्या हुई थी… इसमें मुकदमा लिखा गया था।  आज हमने दो शूटरों को गिरफ्तार किया, उनके नाम बाबू और राजकिशोर हैं. उन लोगों ने अपना जुर्म कबूल किया और हत्या का षड्यंत्र रचने वालों के नामों का खुलासा भी किया  उनके बयानों के आधार पर हमने छत्रपाल सिंह  और उसके भाई पवन सिंह को गिरफ्तार किया, इन दोनों भाइयों ने पूरा षड्यंत्र रचा था और शूटरों को भी हायर किया था इनको  तमंचे कारतूस  और बाइक दी थी. और इन लोगों को किस टाइम और कहां मारना है. और  किस तरह से बचना है इन्होंने पूरा प्लान बनाया था मारने वाले शूटरों की भी अनुराग शर्मा से कुछ रंजिश थी. बाबू को लगता था, कि उसके पिता की 2011 में  हुई हत्या में अनुराग शर्मा का हाथ है और वही राजकिशोर के दोस्त की हत्या हुई थी उसको ये लगता था कि उसकी दोस्त की हत्या अनुराग शर्मा ने की थी, इस वजह से इन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। 

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