बीजेपी के वरिष्ठ लीडर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने से निधन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

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सुषमा स्वराज का मंगलवार की रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, उनको अखिल भारतीय मेडिकल संस्थान में दाखिल कराया गया था।

ग्लोबलटुडे,07 अगस्त
राहेला अब्बास की रिपोर्ट


भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सीनियर लीडर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मंगलवार रात दिल्ली के अखिल भारतीय मेडिकल संस्थान में निधन हो गया, वह 67 साल की थीं। सुषमा स्वराज के निधन से बीजीपी ने अपना एक बड़ा लीडर खो दिया है। उनकी मौत की खबर सुनते ही देश में शोक की लहर है।
एम्स के सूत्रों ने बताया कि स्वराज को मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे से 10 बजे के बीच दिल्ली के अखिल भारतीय मेडिकल संस्थान अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया।

सुषमा स्वराज के अंतिम शब्द

जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने और राज्य को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम से बेहद प्रसन्न स्वराज ने मंगलवार को ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी थी। स्वराज ने ट्वीट किया था,”नरेन्द्र मोदी जी- धन्यवाद प्रधानमंत्री । आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं अपने जीवनकाल में यह दिन देखने का इंतजार कर रही थी।”

अंतिम संस्कार में सभी पार्टियों के नेता रहे मौजूद

दिल्ली में लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। स्वराज की बेटी बांसुरी ने उनके अंतिम संस्कार के रीति रिवाज पूरे किए।
इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, जेपी नड्डा सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता लोधी रोड पर मुजूद रहे। इसके अलावा सोनिया गांधी, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रामदास अठावले, मनोहर लाल खट्टर, शरद यादव सहित कई नेता मौजूद थे।

स्वास्थ्य सही न होने के कारण नहीं लड़ा था चुनाव

गौरतलब है कि भाजपा की वरिष्ठ नेता का 2016 में किडनी बदली गयी थी और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। उनके परिवार में पति स्वराज कौशल और बेटी बांसुरी हैं।
अपनी सादगी,सौम्य आचरण और ओजस्वी भाषण से भारतीय राजनीति में अलग पहचान रखने वाली सुषमा स्वराज केंद्रीय मंत्री बनने से पहले दिल्ली की सीएम भी रह चुकी थीं। स्वराज के निधन के साथ ही दिल्ली ने पिछले एक साल से कम समय के अंतराल में अपने तीन पूर्व मुख्यमंत्री खो दिए हैं। जिनमें सुषमा स्वराज सहित शीला दीक्षित और मदनलाल खुराना के नाम शामिल हैं।

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